अलीगढ़ पुलिस में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने विभागीय अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए सात दरोगाओं और एक आरक्षी चालक को निलंबित कर दिया। विभिन्न मामलों में मिली शिकायतों और प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
इसलिए हुए सस्पेंड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार निलंबित किए गए कर्मियों पर लापरवाही, संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता, ड्यूटी में उदासीनता, अवैध वसूली और विभागीय नियमों के उल्लंघन जैसे आरोप लगे हैं। सभी मामलों की अलग-अलग विभागीय जांच कराई जा रही है। इनमें से एक मामले में आरोप इतने गंभीर पाए गए कि संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
कार्रवाई की जद में आए कुछ पुलिसकर्मियों पर गोपनीय सूचनाओं के लीक होने, शिकायतों का समय पर निस्तारण न करने और वरिष्ठ अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध न कराने के आरोप हैं। वहीं एक दरोगा पर महिला शिकायतकर्ता से अनुचित व्यवहार और निजी लाभ लेने के आरोप लगे हैं। एक अन्य उपनिरीक्षक को बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर निलंबित किया गया।
थाना लोधा में तैनात एक उपनिरीक्षक पर पक्षकार को धमकाकर धन उगाही करने का आरोप सामने आया है। इस मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके अलावा एक अन्य दरोगा पर न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने और रिपोर्ट लगाने के बदले धन मांगने के आरोप लगे हैं।
एसएसपी ने कहा ये
एसएसपी नीरज जादौन ने कहा कि पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।हेडलाइन: