अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई है। यह प्रदर्शन जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रशासनिक कदमों के विरोध में जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और बहस शुरू हो गई।
वायरल हुआ वीडियो
हंगामे के बीच सिविल लाइन थाना प्रभारी द्वारा सर्विस पिस्टल निकालने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठने लगे। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी काफी आक्रामक हो गए थे और उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की।
क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन सर्वम सिंह के अनुसार, धक्का-मुक्की के दौरान कुछ लोगों ने इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल छीनने का भी प्रयास किया। इसी परिस्थिति को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
केस हुआ दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने कई नामजद समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा न करें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।