40 दिन में इंसाफ तक पहुंचा मामला, इंस्पेक्टर अनुज राणा की पैरवी से मासूम हत्याकांड में आरोपी को फांसी

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फिरोजाबाद। डेढ़ साल के मासूम की निर्मम हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी के चलते आरोपी को महज 40 दिन के भीतर सजा दिलाने में पुलिस की अहम भूमिका रही। इस पूरे मामले में थाना शिकोहाबाद के इंस्पेक्टर अनुज राणा की सक्रियता और लगातार की गई पैरवी चर्चा का विषय बनी हुई है।

कहां का था मामला

मामला थाना शिकोहाबाद क्षेत्र का है, जहां 30 मई को डेढ़ वर्षीय मासूम की सड़क पर पटक-पटक कर हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के कारण जांच में अहम सुराग मिले और पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को गिरफ्तार कर लिया।

मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए इंस्पेक्टर अनुज राणा ने खुद मोर्चा संभाला। पुलिस के अनुसार, उन्होंने समय पर विवेचना पूरी कर छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान भी वह लगातार मामले की पैरवी और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी में जुटे रहे।

39 दिन में मिली सजा

इंस्पेक्टर अनुज राणा की सक्रियता का नतीजा रहा कि करीब 39 दिनों में आरोपी को दोषी करार दिया गया। गुरुवार को फिरोजाबाद जिला न्यायालय में जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्यु दंड की सजा सुनाई।

पुलिस विभाग ने कहा ये

पुलिस विभाग का कहना है कि इस मामले में तेज जांच, पुख्ता साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के कारण अदालत में अभियोजन पक्ष मजबूत रहा। इंस्पेक्टर अनुज राणा की भूमिका को लेकर पुलिस अधिकारियों ने भी उनकी कार्यशैली की सराहना की है।

मासूम की हत्या जैसे जघन्य अपराध में इतनी कम अवधि में फैसला आने से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। वहीं, पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और मजबूत कानूनी प्रक्रिया अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देती है।

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