आगरा। थाना बाह क्षेत्र में मार्च 2024 में पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण और फिरौती की सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। लेकिन पुलिस की तेज़ कार्रवाई और टीमवर्क ने इस निर्मम अपराध का न सिर्फ़ पर्दाफाश किया, बल्कि अब न्यायालय ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड देकर बच्ची को न्याय भी दिला दिया है।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केस हमारे समर्पण और संवेदनशीलता का उदाहरण है। बच्ची को न्याय दिलाने वाली टीम को बहुत जल्द सम्मानित किया जाएगा।
ये था मामला
इस मामले में पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन पर कई टीमें गठित की गईं। जांच की कमान अनुभवी अधिकारियों और विवेचकों ने संभाली। 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने अमित और निखिल नामक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने गुनाह कबूल किया और उनकी निशानदेही पर बच्ची का शव पास के एक सरसों के खेत से बरामद हुआ।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया कि अपहरण के बाद बच्ची के साथ दरिंदगी की गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में भौतिक, वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए और मात्र 21 दिन में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी।
न्यायालय ने प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया और मृत्युदंड व ₹2.25 लाख (प्रत्येक) अर्थदंड से दंडित किया।
ये थी टीम
इस मामले के अनावरण और न्यायिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली टीम में एडीजीसी सुभाष गिरि, विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां, एसीपी बाह गौरव सिंह, निरीक्षक देवरत पांडेय, निरीक्षक श्याम सिंह, प्रभारी मॉनिटरिंग सेल निरीक्षक देवी प्रसाद तिवारी, पूर्व प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद्र तिवारी, कोर्ट पैरवीकार आलोक कुमार, कोर्ट मौहर्रिर साजिद अली और मॉनिटरिंग सेल की मं0उ0अ0 अर्चना शाक्य प्रमुख रूप से शामिल रहे।