बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद अब पुलिस ने एक्शन मोड पकड़ लिया है। मौलाना तौकीर रजा के सात करीबी लोगों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसएसपी ने अलग-अलग थानों, एसओजी और सर्विलांस टीमों को मिलाकर सात टीमें गठित की हैं जो इनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि अगर आरोपी जल्दी हाथ नहीं आए तो कोर्ट से आदेश लेकर उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पकड़े जा रहे अपराधी
जांच में अब तक यह बात सामने आई है कि बवाल मौलाना तौकीर रजा के इशारे पर भड़का था। इस मामले में अब तक 86 से ज्यादा उपद्रवी पकड़े जा चुके हैं, जबकि कुछ अभी भी फरार हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नायाब उर्फ निम्मा, अदनान, नदीम और बबलू खान जैसे नाम इस लिस्ट में शामिल हैं।
इनमें से तीन तो बारादरी थाने के पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं। इनके अलावा शाहबाद के अल्तमस रजा, मलूकपुर के अफजाल बेग और रोहली टोला के साजिद सकलैनी भी पुलिस की वांछित सूची में हैं।
आरोपियों को किया जा रहा चिन्हित
इधर, मौलाना तौकीर रजा के लिए भी हालात मुश्किल होते दिख रहे हैं। 2019 में सीएए-एनआरसी विरोध के दौरान दर्ज पुराने केस को पुलिस ने फिर से खोल लिया है। अब उस केस में मौलाना की रिमांड मांगी गई है। सूत्रों का कहना है कि उस दौर में संभल और कुछ दूसरे जिलों में भी उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जो अब फिर से जांच के घेरे में आ सकती हैं।
पुलिस अफसरों का कहना है कि शहर में शांति बनाए रखने के साथ-साथ अब ऐसे चेहरों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने पीछे से आग भड़काने का काम किया।