हरियाणा पुलिस के आईजी वाई पूरन कुमार ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपने घर के बेसमेंट में खुद को गोली मारकर जान दे दी। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार हाल ही में रोहतक की सुनारिया जेल में आईजी के पद पर स्थानांतरित हुए थे, लेकिन उन्होंने वहां अभी कार्यभार नहीं संभाला था। घटना के वक्त उनकी पत्नी, आईएएस अधिकारी पी अमनीत कौर, सरकारी दौरे पर जापान गई हुई हैं।
ये है मामला
मिली जानकारी के अनुसार, वाई पूरन कुमार ने दोपहर के समय सेक्टर-11 स्थित अपने सरकारी आवास के बेसमेंट में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। गोली सिर में लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना दोपहर करीब सवा एक बजे पुलिस को दी गई, जिसके बाद सेक्टर-11 थाने की टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए जीएमएसएच-16 भेजा।
सूत्रों का कहना है कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घर से साक्ष्य इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है।
लंबे समय से थे विवादों
आईजी वाई पूरन कुमार पिछले कुछ समय से विवादों में थे। उन्होंने ‘वन ऑफिसर वन हाउस’ नीति के तहत कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर एक से अधिक सरकारी मकान कब्जे में रखने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पर जातिगत भेदभाव की शिकायत भी आयोग में दर्ज कराई थी।
घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा पुलिस मुख्यालय ने भी वरिष्ठ अधिकारी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।