उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा 2025 का संचालन इस बार पूरी तरह तकनीक, सुरक्षा और समन्वय के उच्चतम स्तर पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के तहत पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सफल बनाने के लिए कई अभूतपूर्व व्यवस्थाएं लागू की हैं, जिनमें सुरक्षा से लेकर सेवा तक हर पहलू को शामिल किया गया है।
24 घंटे निगरानी
पूरे यात्रा मार्ग पर 29,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 395 ड्रोन तैनात किए गए हैं, जिनकी निगरानी मुख्यालय स्तर से रियल टाइम में की जा रही है। ड्रोन फुटेज, कंट्रोल रूम रिपोर्ट और सोशल मीडिया टीम लगातार निगरानी में जुटी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

राज्य भर में कांवड़ यात्रा के दौरान 70,000 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और विशेष बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) और पीएसी की अतिरिक्त कंपनियां अलर्ट मोड पर हैं।
श्रद्धालुओं की सेवा में जल वितरण केंद्र, चिकित्सा शिविर, यूपी-112 की टीम, एम्बुलेंस, गोताखोर, और स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें लगातार काम कर रही हैं। महिला कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया टीम 24 घंटे एक्टिव है और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई कर रही है। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से रीयल टाइम जानकारी साझा की जा रही है।
यातायात व्यवस्था सख्त और व्यवस्थित
प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन की घोषणा पहले ही कर दी गई है। बैरिकेडिंग, रूट मैपिंग और साइन बोर्ड से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कांवड़ियों को तेज गति में वाहन न चलाने की अपील भी की गई है।

उत्तर प्रदेश पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, और यात्रा को शांति, संयम और श्रद्धा के साथ पूर्ण करें।
