लखनऊ। शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच में जुटी उत्तर प्रदेश पुलिस को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिल गई। मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश के साथ नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने आरोपियों की फरारी से जुड़े कई अहम तथ्य सामने रखे। उनके मुताबिक, आरोपियों की लगातार बदलती लोकेशन पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
एडीजी ने बताया कि श्रद्धा और उसके साथी किसी एक जगह पर टिककर नहीं रह रहे थे। वे सफर के दौरान अपने परिवहन के साधन भी बदल देते थे। टैक्सी से एक जगह पहुंचने के बाद उसे छोड़कर दूसरे माध्यम से आगे बढ़ जाना उनकी रणनीति का हिस्सा था। इस वजह से पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता लगाने के बावजूद मौके पर पहुंचने तक देरी हो जाती थी।
पुलिस की कार्रवाई से पहले बदल देती थी ठिकाना
अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा दुबे पुलिस की तलाश से बचने के लिए लगातार अपनी जगह बदल रही थी। पुलिस के लोकेशन तक पहुंचने और उसके वहां से निकल जाने के बीच करीब 10 से 12 घंटे का अंतर बना रहता था। इसी वजह से गिरफ्तारी के लिए कई स्तरों पर प्रयास करने पड़े। तीनों आरोपियों पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
एडीजी ने बताया कि श्रद्धा पहले नेपाल पहुंची, लेकिन बाद में उत्तर प्रदेश लौट आई। इससे पुलिस को उसके नेपाल में होने का भ्रम हो सकता था। लखनऊ में एक मीडिया चैनल को बयान देने के बाद वह फिर आगे बढ़ गई और अंततः नागपुर पहुंची। इस दौरान उसने संचार माध्यमों का सीमित इस्तेमाल किया और अपनी यात्रा के तरीके भी बदलती रही।
अब पूछताछ से खुलेगी हत्याकांड की परतें
अमिताभ यश के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर लखनऊ लाया जा रहा है। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कड़ियों का पता लगाएगी। जांच एजेंसियों के लिए अब यह जानना अहम होगा कि फरारी के दौरान किसने उनकी मदद की और हत्याकांड से जुड़े बाकी सवालों के जवाब क्या हैं।