वाराणसी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नृत्य कर रही महिला कलाकारों के पास पुलिसकर्मियों को दिखाने वाला एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। हालांकि, वीडियो किसने बनाया और इसे किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया, इसकी जांच की जा रही है।
डीसीपी ने कहा ये
काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने कहा कि वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
लाट भैरव पुलिस चौकी प्रभारी बलिराम यादव की तहरीर पर आदमपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो बाबा काल भैरव के विवाहोत्सव और तिलकोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम से संबंधित है।
पुलिस की जांच में कार्यक्रम के अन्य वीडियो को भी देखा गया है। पुलिस का कहना है कि उन वीडियो में नृत्य कर रही महिला कलाकारों के पास पुलिस बल दिखाई नहीं दे रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने वायरल वीडियो में एआई के जरिए पुलिसकर्मियों को शामिल किए जाने की बात कही है।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने कहा कि वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब वीडियो के स्रोत, इसे तैयार करने और प्रसारित करने वाले व्यक्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
कब का है वीडियो
बता दें कि 23 से 27 सितंबर तक बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव और विवाहोत्सव आयोजित किया गया था। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, इस दौरान होने वाली नृत्य प्रस्तुति उत्सव की पारंपरिक प्रथा का हिस्सा है। पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सामने आए तथ्यों और उसके प्रसार से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।