लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही और समकक्ष पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) अहम चरण होगा। 32,679 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कई सख्त व्यवस्थाएं तय की हैं। PET के संचालन की जिम्मेदारी बोर्ड की ओर से गठित समिति की होगी। इस समिति में जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर के मुताबिक, PET में अभ्यर्थियों की टाइमिंग दर्ज करने के लिए मैनुअल स्टॉपवॉच या हाथ से समय नोट करने की व्यवस्था नहीं होगी। दौड़ का समय रिकॉर्ड करने के लिए मानकीकृत इलेक्ट्रॉनिक टाइमिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति से निपटने के लिए उपकरणों का पर्याप्त बैकअप भी रखा जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। साथ ही अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक व्यवस्था भी लागू रहेगी। इन इंतजामों के जरिए परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम करने की कोशिश की गई है।
PET में कौन अभ्यर्थी सफल रहा और कौन असफल, इसकी सूची समिति के सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी की जाएगी। खास बात यह है कि अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन का परिणाम जानने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हर परीक्षा दिवस खत्म होने के बाद उसी दिन परिणाम परीक्षण स्थल के सूचना पट पर चस्पा कर दिया जाएगा।
गैरहाजिर रहने पर इसी दिन देना होगा आवेदन
अगर कोई अभ्यर्थी तय तारीख और समय पर PET में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके लिए भी एक सीमित मौका रखा गया है। अभ्यर्थी परीक्षा वाले दिन ही अनुपस्थित रहने का कारण बताते हुए दूसरी तारीख पर परीक्षा कराने के लिए प्रत्यावेदन दे सकता है। यह आवेदन वह खुद या अपने प्रतिनिधि के जरिए समिति को दे सकता है।
हालांकि, डाक, ई-मेल या किसी दूसरे माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसी तरह गठित समिति के अलावा किसी अन्य अधिकारी या स्तर पर दिया गया प्रत्यावेदन भी मान्य नहीं होगा।
समिति मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अभ्यर्थी को निर्धारित परीक्षा तिथियों में किसी दूसरे दिन, अंतिम परीक्षा तिथि या रिजर्व डे पर PET में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय ले सकती है। इसके बाद परीक्षा की तारीख दोबारा तय नहीं की जाएगी।