उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रविवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में बिहार का कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह उर्फ ललन सिंह मारा गया। पुलिस के अनुसार, सरसावा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। टीम ने घेराबंदी कर संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में लल्लन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बिहार का था निवासी
लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला था और लंबे समय से कई राज्यों की पुलिस के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह हत्या, लूट, पुलिसकर्मियों पर हमले और हथियार लूटने जैसी कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा था। उसकी तलाश उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों की पुलिस कर रही थी।
अपराध की दुनिया में लल्लन का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया जब वर्ष 2016 में उस पर पुलिस अधिकारियों पर हमला करने और सरकारी हथियार लूटने के आरोप लगे। इसके बाद उसने कई संगठित आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर कई जिलों में लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया था।
वर्ष 2017 में हुए दो बड़े मामलों ने उसे बिहार के सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल कर दिया। एक मामले में कैश वैन पर हमले के दौरान गार्ड और कैशियर की हत्या कर लाखों रुपये लूट लिए गए थे। वहीं दूसरी घटना में बैंक के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों और चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन वारदातों के बाद उसका नाम राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया था।
लगातार बदल रहा था लोकेशन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लल्लन सिंह का आपराधिक नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था और वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। सहारनपुर में हुई मुठभेड़ को पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है। वहीं फरार आरोपी की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन अभियान चलाया जा रहा है। लल्लन की मौत के साथ ही कई पुराने मामलों की जांच में भी नई जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।