लखनऊ: आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने डीजीपी राजीव कृष्ण से की शिष्टाचार भेंट, आधुनिक पुलिसिंग पर हुआ संवाद

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पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 77वें आर.आर. (2023-24 बैच) के 23 प्रशिक्षु अधिकारियों ने 29 सप्ताह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने जनपदीय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा किया और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दिए गए प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया।

बैठक के दौरान बताया गया ये

बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, साइबर अपराध की विवेचना, फॉरेंसिक विज्ञान के उपयोग, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य और तकनीक आधारित पुलिसिंग जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षु अधिकारियों ने कहा कि फील्ड में मिले प्रशिक्षण से उन्हें पुलिस कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिला, जो उनके भविष्य के कार्यकाल में बेहद सहायक साबित होगा।

प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने का कार्य नहीं, बल्कि समाज की सेवा और लोगों के विश्वास को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि एक सफल पुलिस अधिकारी के लिए व्यावसायिक दक्षता, कानूनी ज्ञान और व्यवहारिक कौशल के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।

डीजीपी ने कहा ये

उन्होंने नए आपराधिक कानूनों, ई-साक्ष्य और साइबर अपराध से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को विधि-सम्मत प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी। साथ ही जनसुनवाई को पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका प्रभावी समाधान करने पर जोर दिया।

राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को अपने आचरण और सार्वजनिक छवि के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि पुलिस सेवा को नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम समझकर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक के जीएसओ के. एस. इमैन्युअल, पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण देव रंजन वर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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