कानपुर के सचेंडी गैंगरेप मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पांच महीने से फरार चल रहे निलंबित दारोगा अमित मौर्या को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसकी तलाश में कई टीमें लगातार जुटी हुई थीं।
ये है मामला
सचेंडी गैंगरेप केस में फरार चल रहे निलंबित दारोगा अमित मौर्या की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस की लंबे समय से चल रही तलाश खत्म हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को सचेंडी थाना क्षेत्र के सोना गांव के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले में नाम सामने आने के बाद से अमित मौर्या पुलिस की पकड़ से दूर था। जांच एजेंसियां लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह हर बार स्थान बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। इसी वजह से उसके खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान आरोपी सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई पेश करने की कोशिश कर रहा था। वहीं उसने कानूनी राहत पाने के लिए अदालत का रुख भी किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले में मुख्य आरोपी शिवबरन यादव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब अमित मौर्या की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।