मथुरा। 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर हुई फायरिंग और हिंसा की घटना के बाद पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही तय करते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। श्रद्धालुओं के बीच दहशत फैलाने वाले इस मामले में एसएसपी श्लोक कुमार ने थाना हाईवे के प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि एक चौकी प्रभारी और बीट सिपाही को निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है।
एक दिन पहले शुरू हुआ था बवाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महोली गांव में दो पक्षों के बीच विवाद एक दिन पहले ही शुरू हो गया था। उस दौरान तनाव बढ़ने के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा में सामने आया कि शुरुआती घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जाता तो बाद में हालात बेकाबू होने से रोके जा सकते थे।
इसी आधार पर थाना हाईवे के प्रभारी शैलेंद्र कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। साथ ही पन्ना पोखर चौकी प्रभारी संदीप कुमार और बीट कांस्टेबल आदर्श कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि ड्यूटी के दौरान किस स्तर पर चूक हुई।
ये था मामला
दरअसल, गुरुवार को 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर भंडारे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और कई राउंड फायरिंग हुई। घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उस समय परिक्रमा मार्ग पर मौजूद थे।
घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। फायरिंग में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी सख्त रुख अपनाया जाएगा।