आगरा में बुधवार रात यातायात व्यवस्था का जायजा लेने निकले पुलिस आयुक्त दीपक कुमार जाम और पुलिस की लापरवाही देखकर भड़क गए। सदर क्षेत्र के कई इलाकों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी। मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने पुलिस आयुक्त की नाराजगी और बढ़ा दी।
ये था मामला
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त सबसे पहले सौदागर लाइन पहुंचे, जहां ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद मधु नगर चौराहे पर हालात और खराब मिले। ग्वालियर हाईवे के दोनों ओर ठेला-खोमचे लगे होने से रास्ता संकरा हो गया था और वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। जाम में फंसे लोगों को निकलने में मुश्किल हो रही थी।
स्थिति देखकर पुलिस आयुक्त ने वायरलेस सेट उठाया और एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता से सीधे जवाब तलब किया। उन्होंने नाराजगी भरे लहजे में कहा, “एसीपी सदर कहां हैं? जिले में नहीं हो क्या? हम यहां 30 मिनट से खड़े हैं, इतना कॉमन सेंस नहीं है कि मौके पर पहुंचो।” पुलिस आयुक्त का यह सख्त रुख देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी को भी पड़ी डांट
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह को भी लापरवाही पर फटकार लगाई गई। सूचना मिलते ही डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार, एसीपी ट्रैफिक इमरान अहमद समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्था संभालने में जुट गए।
इसके बाद पुलिस ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया और यातायात सुचारु कराया। बसई चौराहे पर भी अव्यवस्था मिलने पर पुलिस आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि प्रमुख चौराहों के आसपास 50 मीटर के दायरे में कोई वाहन खड़ा न होने दिया जाए। उन्होंने सप्ताह में तीन दिन विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए।