सहारनपुर में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कैराना से सांसद इकरा हसन पीड़ित महिला के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंचीं। सांसद एक बुजुर्ग महिला को लेकर शामली जिले के जसाला गांव से आई थीं, जो अपने बेटे की हत्या के मामले में जांच से असंतुष्ट थी और उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही थी।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, सांसद इकरा हसन जब डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंचीं, तो कार्यालय परिसर में स्थिति अचानक बदल गई। बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला को लेकर बातचीत के दौरान मामला गरमा गया और पार्किंग को लेकर भी कहासुनी हो गई।
इसी बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सांसद इकरा हसन को रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद वहां हंगामा की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस ने सांसद को हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस उन्हें महिला थाने लेकर पहुंची, जहां उन्हें कुछ समय तक रोके रखा गया। इस दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
लगाए ये आरोप
सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि वह केवल पीड़ित महिला की मदद के लिए आई थीं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई और महिला की समस्या को गंभीरता से नहीं सुना गया।