उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने अपने ही विभाग के अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया है। वीडियो में लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने आईपीएस अधिकारियों पर “भ्रष्टाचार रूपी जमींदारी व्यवस्था” चलाने का आरोप लगाया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सिपाही ने लगाए आरोप
सिपाही ने दावा किया कि लखनऊ कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर संगठित तरीके से वसूली की जाती है। उसके मुताबिक, इस व्यवस्था में आरआई, गणना प्रभारी और गारद कमांडर की भूमिका होती है। उसने आरोप लगाया कि सिपाहियों और दीवानों से हर महीने तय रकम ली जाती है, तभी उन्हें मनचाही ड्यूटी मिलती है।
सुनील शुक्ला ने वीडियो में कहा कि पुलिस लाइन की एक गणना में करीब 400 कर्मियों से प्रति व्यक्ति दो-दो हजार रुपये लिए जाते हैं। उसके अनुसार, सिर्फ एक गणना से हर महीने करीब आठ लाख रुपये की वसूली होती है, जबकि पुलिस लाइन में कुल चार गणनाएं हैं। सिपाही ने आरोप लगाया कि यह रकम “ऊपर तक” पहुंचाई जाती है।
वीडियो में उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने और पुलिसकर्मियों को इस कथित व्यवस्था से राहत दिलाने की अपील भी की।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस ने सफाई जारी की है। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। बयान में कहा गया कि रिजर्व पुलिस लाइन में गारद ड्यूटी निर्धारण के लिए तय एसओपी का पालन किया जाता है और इसका नियमित पर्यवेक्षण राजपत्रित अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
एडीसीपी करेंगे जांच
लखनऊ पुलिस के मुताबिक, जांच एडीसीपी लाइन कर रहे हैं। फिलहाल शिकायतकर्ता आरक्षी 20 दिन के अर्जित अवकाश पर हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।