राजधानी लखनऊ से एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। पुलिस मुख्यालय में तैनात 34 वर्षीय सहायक उप निरीक्षक (ASI) सत्येंद्र वर्मा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। उनका शव सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के अहिमामऊ स्थित किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। आसपास के लोगों ने शक होने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां सत्येंद्र का शव लटका मिला। पुलिस ने तत्काल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी।
घटनास्थल से चार पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसमें उन्होंने अपनी परेशानियों और असफलताओं का जिक्र करते हुए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि नोट की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और इसे जांच का अहम आधार माना जा रहा है।
परिजनों ने इस मामले में नया मोड़ देते हुए सत्येंद्र की मंगेतर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों के बीच चल रहे तनाव के कारण सत्येंद्र मानसिक रूप से परेशान थे। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित महिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लंबे समय से थे पुलिस सेवा में तैनात
मूल रूप से फतेहपुर निवासी सत्येंद्र वर्मा लंबे समय से पुलिस सेवा में थे और अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। इस घटना से उनके साथियों और परिवार में गहरा शोक है।
पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। वहीं, यह घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक दबाव और तनावपूर्ण जीवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।