कानपुर देहात के औद्योगिक क्षेत्र रनिया स्थित एक बंद माइक्रोनी फैक्ट्री में शनिवार देर रात भीषण आग लग गई, लेकिन थाना प्रभारी की तत्परता और साहस से बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना रायपुर धन्जुआ रोड पर रात करीब 12 बजे हुई, जब फैक्ट्री में लंबे समय से उगी सूखी घास में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते यह विकराल रूप ले लिया।
थाना प्रभारी ने उठाई जिम्मेदारी
रनिया थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम ने ग्रामीणों की सूचना मिलते ही अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। आग की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने दमकल का इंतजार किए बिना ही मोर्चा संभाला। थाना प्रभारी के नेतृत्व में सिपाही नरेंद्र सिंह राणा, हेड कांस्टेबल सत्येंद्र पटेल और संजय भदोरिया ने धधकती लपटों के बीच जाकर डंडों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का काम किया।
पुलिसकर्मियों की तत्परता और साहस के चलते आग पर जल्दी ही काबू पा लिया गया और तब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच चुकी थी। थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम ने बताया कि फैक्ट्री बंद होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आग से संबंधित सावधानी बरतने और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
हो रही सराहना
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी और उनकी टीम के साहस और जिम्मेदारी की खुले दिल से सराहना की। यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है बल्कि इस बात का संदेश भी देती है कि संकट की स्थिति में दृढ़ नेतृत्व और टीमवर्क से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।