उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देश के जाने-माने कारोबारी और ताज अरावली के मालिक राजीव आनंद को जान से मारने की धमकी देने वाले गैंगस्टर को पुलिस ने गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटे बाद थाने से रिहा कर दिया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता और कार्रवाई की सख्ती पर बहस शुरू हो गई है।
ये है मामला
मेरठ के बड़ौत निवासी गैंगस्टर अर्जुन सिंह ने उद्योगपति राजीव आनंद को जान से मारने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद राजीव आनंद ने तुरंत मेरठ पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के भीतर अर्जुन सिंह को थाने से ही रिहा कर दिया गया। इस अचानक रिहाई ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस केस में जो ढील दी गई, उसने कानून व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर शंका पैदा कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि पूर्व विधायक अशोक सिंह और उनकी पत्नी बरखा सिंह के इशारे पर गैंगस्टर ने कारोबारी को धमकी दी। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
क्या होगी कार्रवाई?
अगर इस तरह के मामलों में सख्त और पारदर्शी कदम नहीं उठाए गए, तो अपराधियों का हौसला और बढ़ सकता है और आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमज़ोर हो जाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से आगे बढ़ता है और क्या वास्तविक रूप से उन लोगों तक कानूनी कार्रवाई पहुँच पाती है जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।