झांसी पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए पूरे मामले की सच्चाई सामने रखी है। हाल ही में कुछ प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल होने के कारण कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
झांसी पुलिस ने कहा ये
इस पर स्पष्ट करते हुए झांसी पुलिस ने कहा कि यह जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक है। विभाग के अनुसार, जनपद के विभिन्न थाना और शाखाओं के अभिलेखों की जांच के बाद यह पाया गया कि कुल 23 पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। ये कर्मचारी 30 दिनों से अधिक समय तक अनधिकृत रूप से गैरहाजिर थे, जो पुलिस नियमावली के तहत दंडनीय अपराध है।
इसी आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, झांसी द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों को नियमों के अनुसार निलंबित किया गया है। विभाग ने यह भी बताया कि इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
महज अफवाह फैलाई जा रही
झांसी पुलिस ने यह भी साफ किया कि इस कार्रवाई का उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही इस तरह की खबरें केवल भ्रम पैदा करने का प्रयास हैं।
अंत में पुलिस प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि किसी भी खबर या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। इससे न केवल अफवाहों पर रोक लगेगी, बल्कि समाज में गलत जानकारी फैलने से भी बचाव होगा।