मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने जिले की पुलिस टीम की जमकर प्रशंसा करते हुए एक लाख रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम मिर्जापुर जिले की लालगंज थाना, एसओजी और सर्विलांस टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया।
एसपी ने किया था नेतृत्व
जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर पुलिस ने लालगंज थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले डीसीएम (डबल कैब मोटर) को पकड़कर उसमें छिपा कर ले जा रहे 11,605 पुराने और खराब मोबाइल बरामद किए। ये मोबाइल अंतरराज्यीय साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले थे। गिरफ्तार आठ आरोपियों में बिहार के मोहम्मद अनारुल, मो अहमद, मो हसन, मो सफिक, रहमान और साबीर आलम शामिल हैं।
इन आरोपियों ने हैदराबाद में रहकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पुराने और खराब मोबाइल खरीदकर उन्हें चोरी करके बिहार ले जाने का जाल रचा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि ये गिरोह मोबाइल डेटा को बेचने और साइबर ठगी में संलिप्त था।
एसएसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में पुलिस टीम ने तेंदुई टोल प्लाजा के पास वाराणसी-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डीसीएम को रोककर यह कार्रवाई की। बरामद मोबाइल और आरोपी साइबर अपराध की विस्तृत जांच में भेजे गए हैं।
डीजीपी ने की सराहना
डीजीपी राजीव कृष्णा ने मिर्जापुर पुलिस की इस उत्कृष्ट कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रदेश की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों को हौसला बढ़ाने के लिए इनाम की घोषणा की।
यह सफलता मिर्जापुर पुलिस की तत्परता और साइबर ठग गिरोहों के खिलाफ तकनीकी और क्षेत्रीय निगरानी के महत्व को उजागर करती है। जिले में इस प्रकार की कार्रवाई से आम जनता को डिजिटल और साइबर अपराध से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।