लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीक-आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक बार फिर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश पुलिस की दो प्रमुख पहल, यूपी पुलिस फैक्ट चेक और मेटा सुसाइडल अलर्ट, को हाल ही में द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक अवार्ड्स 2026 के तहत सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित 6वें ईटी गवटेक कॉन्क्लेव एवं पुरस्कार कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर ये ग्रहण किया पुरस्कार
यह पुरस्कार देश में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को दिया जाता है और इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस वह एकमात्र राज्य पुलिस रही जिसे दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यूपी पुलिस फैक्ट चेक को डिजिटल पुलिसिंग और कानून प्रवर्तन उत्कृष्टता के लिए अवार्ड दिया गया, जबकि मेटा सुसाइडल अलर्ट को डिजिटल नागरिक जुड़ाव और शिकायत निवारण की श्रेणी में सम्मानित किया गया।
गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने इस अवसर पर पुरस्कार ग्रहण किया और कहा कि यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक-आधारित जनहितकारी पहलों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि डिजिटल उपकरण और नवाचार अब पुलिसिंग का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं और यह प्रयास न केवल अपराध नियंत्रण में मदद कर रहा है, बल्कि नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान में भी सहायक साबित हो रहा है।
क्यों मिला ये सम्मान?
यूपी पुलिस फैक्ट चेक पहल का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही गलत सूचनाओं और फेक न्यूज को रोकना है। इसके माध्यम से पुलिस जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों की जांच कर रही है। वहीं, मेटा सुसाइडल अलर्ट कार्यक्रम का मकसद मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर ध्यान देना है। इसके तहत सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल चैनलों पर चिन्हित खतरे वाले संकेतों को मॉनिटर कर त्वरित हस्तक्षेप किया जाता है।