नशा तस्करों के ‘रक्षक’ बने पुलिसकर्मी, कानपुर में 4 पर गिरी गाज

Share This

 

कानपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी चरस–गांजा तस्करों की मदद करते थे और पुलिस छापों की गोपनीय जानकारी पहले ही उन्हें दे देते थे। बदले में उनसे पैसे भी वसूले जाते थे।

ये है मामला 

मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए चारों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार, हेड कांस्टेबल कमलाकांत और हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि इलाके में लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि कुछ पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तस्करों से संपर्क में थे और उन्हें कार्रवाई से पहले ही सूचना पहुंचा देते थे।

पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि छापेमारी से पहले तस्करों को अलर्ट कर दिया जाता था, जिससे वे मौके से फरार हो जाते थे या अवैध माल हटा देते थे। इसके बदले कथित तौर पर पैसे लिए जाते थे।

मामले की जांच है जारी

मामले की जांच अभी जारी है और विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी स्तर पर मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *