गोरखपुर में हुई एक बड़ी डकैती के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। सेवानिवृत्त लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर हुई वारदात में शुरुआती लापरवाही सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने एम्स थाने के प्रभारी संजय मिश्रा, वहां तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव और मुख्य आरक्षी राकेश यादव को लाइन हाजिर कर दिया। इस फैसले के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
दिए गए निर्देश
प्रशासनिक फेरबदल के तहत पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक चंद्र प्रकाश पांडेय को एम्स थाना की कमान सौंपी गई है। एसएसपी ने नए थानेदार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए और डकैती से जुड़े मामलों की विवेचना तेजी व गंभीरता के साथ आगे बढ़ाई जाए। अधिकारियों का मानना है कि इस जघन्य अपराध के बाद मौके पर सतर्कता और निगरानी में जो कमी रही, उसी के चलते यह कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
यह डकैती पांच जनवरी को एम्स थाना क्षेत्र के रजही इलाके में हुई थी। बदमाशों ने बालेंद्र सिंह और उनके परिजनों को बंधक बनाकर पिस्टल के बल पर करीब 84 लाख रुपये के जेवरात और नकदी लूट ली थी। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल बन गया था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रजही गांव के हिस्ट्रीशीटर देवेंद्र निषाद उर्फ डायना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों में रामरक्षा उर्फ तेजू यादव, राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू, धनंजय चौहान और राकेश चौहान शामिल हैं। हालांकि इस डकैती में शामिल एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इनका भी हुआ ट्रांसफर
इसके अलावा एसएसपी ने तीन अन्य पुलिसकर्मियों का भी तबादला किया है। उपनिरीक्षक श्रेयांश राय को मछलीगांव चौकी का प्रभारी बनाया गया है, जबकि प्रवीण कश्यप को कैंपियरगंज थाना भेजा गया है। मुख्य आरक्षी जग प्रसाद को शाहपुर थाने से गोरखनाथ थाना में नई तैनाती दी गई है।