वाराणसी में इन दिनों पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। शहर में पहचान की वैधता को लेकर चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने हाल ही में माधोपुर इलाके में विशेष चेकिंग ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई कैंपों में रह रहे लोगों से उनके पहचान पत्र और दस्तावेजों की पुष्टि करने के लिए पूछताछ की गई।
इनकी जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे जनपद में लगभग 500 से ज्यादा संदिग्ध लोग मिले हैं जिनकी जांच जारी है। प्रशासन ने साफ किया है कि जो लोग अपनी पहचान साबित नहीं कर पाएंगे, उन्हें एक सप्ताह बाद डिटेंशन सेंटर भेजा जा सकता है।
कैंप में रह रहे कई लोगों ने बताया कि वे करीब 20 साल से वाराणसी में रह रहे हैं और मूल रूप से पश्चिम बंगाल से छोटे कामकाज के लिए आए थे। उनका कहना है कि वे समय-समय पर पुलिस को अपने दस्तावेज देते रहे हैं और वोट डालने के लिए आज भी पश्चिम बंगाल ही जाते हैं।
लोगों ने कहा ये
कई लोगों ने कैमरे पर अपने पहचान पत्र और अन्य कागजात दिखाए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की पुलिस भी कई बार उनकी जांच कर चुकी है, लेकिन फिर भी उन्हें बार-बार दस्तावेज पेश करने पड़ रहे हैं।
कैंप में मौजूद लोगों ने सरकार के अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की जांच ज़रूरी है, लेकिन उन्हें ऐसे लोगों की श्रेणी में न रखा जाए। उनका कहना है कि वे भारतीय नागरिक हैं और केवल रोजगार के लिए वाराणसी आए हैं।