दबोचा गया एक लाख का इनामी अपराधी, बिहार और यूपी पुलिस को मिली सफलता

Share This

बिहार और उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी मनिंद्र मिश्रा को संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार एसटीएफ और यूपी पुलिस ने मिलकर उत्तर प्रदेश इलाके में यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और फरारी के दौरान उसे पनाह देने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

डॉक्टर से 12 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप

मनिंद्र मिश्रा गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम कई गंभीर मामलों से जुड़ा है। उसकी लगातार तलाश को देखते हुए बिहार सरकार की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

मनिंद्र मिश्रा पर भोरे के चर्चित चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार से 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप है। इस मामले में उसे मुख्य आरोपित माना जा रहा था। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।

पुलिस के अनुसार, मनिंद्र का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। बताया जाता है कि किशोरावस्था के दौरान ही उसका नाम गोपालगंज शहर की एक प्रमुख मिठाई दुकान ‘के चौधरी’ में बमबारी की घटना से जुड़ा था। इसके बाद उसके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामलों में भी पुलिस कार्रवाई हुई।

जांच एजेंसियों को लालाछापर लूटकांड के दौरान मनिंद्र की कथित भूमिका के बारे में भी जानकारी मिली थी। पुलिस के मुताबिक, उमरगांव से उसने इस वारदात की योजना तैयार की थी। घटना के दौरान हालात बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने अपराधियों को घेर लिया था। इसी दौरान गोलू मिश्रा सहित दो अपराधियों की मौत हो गई थी। वहीं, गोलीबारी में एक राहगीर की भी जान चली गई थी।

सीमा पार नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

मनिंद्र की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस उसके संपर्कों पर है। बिहार एसटीएफ और भोरे थाना पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान वह कहां-कहां रहा और उसके साथ कौन लोग जुड़े हुए थे।

पुलिस खास तौर पर बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा क्षेत्र में उसके संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर उसके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लंबित आपराधिक मामलों को लेकर भी अहम सुराग मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *