उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने डॉग स्क्वाड को और हाईटेक व मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बाराबंकी और बरेली पुलिस के डॉग स्क्वाड में अब प्रशिक्षित खोजी कुत्तों को शामिल किया गया है। इनमें बेल्जियन शेफर्ड (मैलिनोइस) नस्ल के ‘टकर’ और ‘बेन’ खास आकर्षण हैं। अपनी फुर्ती, तेज सूंघने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए मशहूर यह नस्ल दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों में काफी पसंद की जाती है।
9 महीने की ट्रेनिंग के बाद बाराबंकी पहुंचा ‘टकर’
बाराबंकी पुलिस के डॉग स्क्वाड में बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल के ‘टकर’ को शामिल किया गया है। टकर ने ग्वालियर स्थित सीमा सुरक्षा बल के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग में करीब 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की है। उसके हैंडलर विकास कुमार ने भी उसके साथ प्रशिक्षण लिया है।
ट्रेनिंग के दौरान टकर को मानव गंध पहचानने, घटनास्थल से मिले सुरागों को ट्रैक करने और संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने की क्षमता विकसित कराई गई है। अब हत्या, लूट, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में बाराबंकी पुलिस को उसकी मदद मिलेगी।
बरेली पुलिस के डॉग स्क्वाड में भी दो नए सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल का ‘बेन’ और लैब्राडोर रिट्रीवर नस्ल की ‘चिक्की’ शामिल हैं। पहले से मौजूद ‘लाना’ के साथ अब बरेली पुलिस के पास कुल तीन प्रशिक्षित खोजी कुत्ते हो गए हैं।
इनका इस्तेमाल अपराधियों की तलाश, घटनास्थल से सुराग जुटाने, लापता लोगों की खोज और वीआईपी सुरक्षा जैसे अभियानों में किया जाएगा।
ब्लाइंड केस में पुलिस के लिए बनेंगे मददगार
पुलिस के मुताबिक, कई गंभीर अपराधों में मौके से पर्याप्त सबूत नहीं मिलते। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित खोजी कुत्ते मानव गंध और घटनास्थल से मिले सामान के आधार पर जांच को सही दिशा देने में मदद कर सकते हैं। यूपी पुलिस के डॉग स्क्वाड में टकर और बेन जैसे प्रशिक्षित कुत्तों की एंट्री से अपराध की जांच को मजबूती मिलने की उम्मीद है।