मेरठ में ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल द्वारा कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवकाश लेने का मामला सामने आया है। मामले की जांच में मेडिकल संबंधी दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए महिला कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार महिला कांस्टेबल आरिफा अचानक अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर हो गई थीं। जब अधिकारियों ने उनकी अनुपस्थिति का कारण पूछा तो उन्होंने स्वयं को बीमार बताते हुए अवकाश लेने की बात कही। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने बीमारी से संबंधित मेडिकल सर्टिफिकेट और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बताया गया है कि महिला कांस्टेबल ने अपनी बीमारी के समर्थन में कुछ मेडिकल दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराए। हालांकि जब इन दस्तावेजों की जांच कराई गई तो वे फर्जी पाए गए। जांच में दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित महिला कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
कानून का किया उल्लंघन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सरकारी सेवा में रहते हुए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना गंभीर अनुशासनहीनता और कानून का उल्लंघन माना जाता है। इसी आधार पर महिला कांस्टेबल आरिफा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस विभाग इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि फर्जी दस्तावेज कहां और किसकी मदद से तैयार कराए गए। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी इसकी चर्चा बनी हुई है।