आगरा में पर्यटक महिलाओं की भीड़ के बीच खड़ीं इटली से आईं एलिसिया और ब्रूना की आंखों में उस वक़्त असमंजस था, जब पारंपरिक भारतीय पोशाक ‘साड़ी’ उनकी उलझन बन गई थी। कोई देख रहा था, कोई वीडियो बना रहा था, लेकिन मदद को कोई आगे नहीं आया। और फिर सामने आईं यूपी पुलिस की सिपाही लक्ष्मी देवी। बिना किसी हिचकिचाहट के उन्होंने दोनों महिलाओं के पास जाकर न सिर्फ़ उनसे बात की, बल्कि बड़े ही सहज और आत्मीय अंदाज़ में उनकी साड़ी को दोबारा सलीके से पहनने में मदद की।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, इटली से आईं एलिसिया और ब्रूना जब ताजमहल घूमे आईं तो उन्होंने साड़ी पहनी थी। लेकिन तेज हवा के कारण उनका पल्लू गिर रहा था, प्लेट्स बिगड़ रही थीं और हर कदम पर साड़ी खिसक रही थी। कई लोग पास से गुजरते रहे, कुछ ने वीडियो भी बनाए, लेकिन किसी ने पास आकर मदद नहीं की।
तभी वहां तैनात यूपी पुलिस की महिला कांस्टेबल लक्ष्मी देवी ने नज़ारा देखा और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ीं। न कोई औपचारिकता, न दिखावा—बस सहज आत्मीयता के साथ उन्होंने कहा, “May I help you?”

महिला सिपाही लक्ष्मी ने साड़ी की प्लेट्स ठीक कीं, पल्लू को सलीके से कंधे पर जमाया और दोनों को सिखाया कि साड़ी में आराम से चलना और बैठना कैसे होता है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे पल्लू को इस तरह सँभाला जाए कि न हवा में उड़े, न पैर में आए।
पर्यटक ने कहा धन्यवाद
इस आत्मीय सहयोग से भावुक हुई एलिसिया ने जाते-जाते कहा, “Thank you, Lakshmi.” जवाब में लक्ष्मी मुस्कुराईं और बोलीं, “यह तो मैंने वही किया जो कोई भी भारतीय महिला करती।”