मुरादाबाद। भाई दूज के दिन जब ज्यादातर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर रही थीं, तब एक महिला पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य की चौकी पर डटी रही। जेल की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला कांस्टेबल सुषमा गंगवार ने ड्यूटी और मातृत्व का ऐसा संगम दिखाया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
एक हाथ में मासूम, दूसरे में जिम्मेदारी
भाई दूज के मौके पर अपने भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं मुरादाबाद जेल पहुंचीं। भीड़ बढ़ने के बावजूद सुषमा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने एक हाथ में अपने एक साल के बच्चे को थाम रखा था और दूसरे हाथ से बहनों की लंबी कतार को नियंत्रित करती रहीं। न धूप की परवाह, न थकान — उनके चेहरे पर ड्यूटी का समर्पण साफ झलक रहा था।
जेल परिसर में उमड़ी भीड़ के बीच सुषमा की मुस्कान ही सबकी नज़रों में ठहर गई। उन्होंने न सिर्फ व्यवस्था बनाए रखी बल्कि हर आने वाली बहन से मानवीय संवेदना के साथ पेश आईं। यह नज़ारा उन सबके लिए प्रेरणादायक बन गया जो मानते हैं कि मातृत्व और पेशेवर जिम्मेदारी साथ नहीं निभाई जा सकती।
सोशल मीडिया पर हुईं चर्चित
सुषमा गंगवार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उनके जज़्बे को सलाम कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि “वर्दी में मां — इससे बड़ा सम्मान कोई नहीं।” कुछ ने उनकी तस्वीर को “मिशन शक्ति की सच्ची झलक” बताया। सुषमा की यह ड्यूटी केवल एक दिन का वाकया नहीं, बल्कि यह संदेश है कि एक महिला जब ठान ले, तो हर भूमिका में उत्कृष्टता दिखा सकती है — चाहे वो मां की हो या पुलिसकर्मी की।