वाराणसी। हाल ही में अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद को शांत कराने के लिए जिला प्रशासन ने रविवार को सर्किट हाउस सभागार में सामंजस्य बैठक आयोजित की। अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर आलोक कुमार वर्मा की ओर से जारी पत्र में अधिवक्ता संगठनों और पुलिस अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया था। बैठक का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर तनाव कम करना था।
लिए गए कई फैसले
शाम चार बजे के बाद हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे बड़ा फैसला उस उपनिरीक्षक (दारोगा) को निलंबित करने का रहा, जिस पर वकीलों से विवाद शुरू करने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपित दारोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराने पर दोनों पक्ष सहमत हुए हैं। जांच पूरी होने तक पुलिस की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
बैठक में वकील प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की सूची पेश की, जिन पर एक घंटे से अधिक समय तक विचार-विमर्श चला। यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और भविष्य में ऐसे विवादों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरता से चर्चा की।
अब संभल सकते हैं हालात
इस पूरे मामले को लेकर सपा और कांग्रेस नेताओं की सक्रियता से सियासी तापमान भी बढ़ा हुआ था, जिसके चलते जिला प्रशासन पर समाधान निकालने का अतिरिक्त दबाव था। बैठक में पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी समेत बार एसोसिएशन के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि दारोगा के निलंबन और निष्पक्ष जांच की सहमति से वकीलों और पुलिस के बीच तनाव जल्द ही खत्म होगा और शहर में कानून-व्यवस्था सामान्य होगी।