यूपी पुलिस को मिलेगा अपना हाईटेक शूटिंग सिस्टम, 17 नई रेंज से बदलेगा ट्रेनिंग का तरीका

Share This

उत्तर प्रदेश पुलिस की फायरिंग ट्रेनिंग अब पहले से ज्यादा आधुनिक और आसान होने जा रही है। जवानों को निशानेबाजी के अभ्यास के लिए अब बाहरी फायरिंग रेंज की उपलब्धता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शासन ने प्रदेश में 17 कंटेनराइज्ड ट्यूबलर शूटिंग रेंज (CTR) स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

बजट हो चुका पास

इस प्रोजेक्ट पर करीब 26.43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये शूटिंग रेंज प्रदेश के पांच पुलिस कमिश्नरेट और 12 रेंज मुख्यालयों में लगाई जाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक, बजट स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

अभी तक कई जगहों पर पुलिसकर्मियों की फायरिंग प्रैक्टिस के लिए सेना या अन्य संस्थानों की रेंज का सहारा लेना पड़ता था। इससे कई बार अभ्यास का समय तय करने में दिक्कत आती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जवान अपनी यूनिट और तैनाती वाले क्षेत्रों के करीब ही नियमित फायरिंग अभ्यास कर सकेंगे।

कंटेनराइज्ड ट्यूबलर शूटिंग रेंज सामान्य फायरिंग रेंज से अलग आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। यह एक पोर्टेबल इनडोर सिस्टम है, जिसे जरूरत के हिसाब से कहीं भी स्थापित किया जा सकता है। इसमें जवानों को वास्तविक हालात जैसे माहौल में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस हाईटेक सिस्टम में फायरिंग के बाद जवानों के प्रदर्शन का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। इसमें निशाने की सटीकता, फायरिंग का तरीका और सुधार की जरूरत जैसे पहलुओं का विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे प्रशिक्षकों को हर जवान की क्षमता के अनुसार ट्रेनिंग देने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा के होंगे इंतजाम

इस रेंज में सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम भी किए जाएंगे। फायरिंग के दौरान निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के लिए वेंटिलेशन सिस्टम लगाया जाएगा, जबकि गोलियों को सुरक्षित तरीके से रोकने के लिए बुलेट ट्रैप की व्यवस्था होगी।

प्रयागराज समेत जिन जिलों में यह सुविधा उपलब्ध होगी, वहां पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग क्षमता में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नियमित अभ्यास से जवानों की निशानेबाजी बेहतर होगी और आपात परिस्थितियों में पुलिस की कार्रवाई पहले से ज्यादा प्रभावी हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *