कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सोमवार को मेरठ में उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने हिस्सा लिया। उनके साथ उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
इन बातों पर दिया जोर
श्रावण मास के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से आयोजित बैठक में अलग-अलग राज्यों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव और डीजीपी सोमवार सुबह मेरठ के परतापुर हवाई पट्टी पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बैठक के बाद दोनों अधिकारी कांवड़ मार्गों का निरीक्षण भी करेंगे, ताकि तैयारियों का जमीनी स्तर पर आकलन किया जा सके।
इसके अलावा, डीजीपी और मुख्य सचिव मेरठ के सदर बाजार स्थित औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर वहां बनाए गए कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण करेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान इसी कंट्रोल रूम से सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
आ सकते हैं लाखों लोग
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी भी साझा करेंगे.