गरीब को कड़ाके की ठंड में गुब्बारे बेचता देख रामपुर SP का पसीजा दिल, दरियादिली दिखाकर खरीदे सारे गुब्बारे

यूपी पुलिस विभाग में यूं तो एक से बड़कर एक ऐसे आईपीएस अधिकारी मौजूद हैं जिनके नाम और बेहतरीन काम की चर्चाएं हर समय होती है। कुछ आईपीएस अधिकारी अपने अच्छे कार्यों की वजह से आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाते है। ऐसा ही एक नाम है रामपुर एसपी राजेश द्विवेशी का जो काम को लेकर हमेशा एक्टिव बने रहते है। उनका काम के प्रति जोश हर समय देखने को मिलता है। तो आम लोगों के प्रति उनकी जो जिम्मेदारी है उसे भी भली भांति पूरा करते देखे गए। जिसे के कपप्तान का ऐसा ही दरियादिली भरा काम देर रात देखने को मिला।

गुब्बारे वाले की दुकान पर रुक गए एसपी साहब

कड़ाके की ठंड में जहां एक अधिकारी अपने कमरे में बैठकर अधिनस्थों को आर्डर देते देखे जाते है तो दूसरी तरफ कप्तान राजेश द्विवेदी खुद ही पुलिस टीम के साथ गश्त पर दिखते हैं। ऐसे में गश्त के दौरान गरीब को कड़ाके की ठंड में गुब्बारे बेचते देखकर एसपी साहब के कदम उसकी दुकान पर रूक गए

एसपी ने खरीदे सारे गुब्बारे

sp राजेश द्विवेदी का दुकानदार को देख दिल पसीज गया। राजेश द्विवेदी ने देखा कि एक गुब्बारे वाला सर्दी में खड़ा है, रात का समय था। उन्होंने पूछा की आपके गुब्बारे इतनी रात तक भी नही खरीदे किसी ने ! इतना हाल पूछना था की गुब्बारे वाले की आंख में आँसू आ गए।उसके बाद sp राजेश द्विवेदी ने उसके सभी गुब्बारे खरीद लिये व छोटे-छोटे बच्चो में बांट दिए। इस वाकये से बच्चों व गुब्बारे विक्रेता सभी के चहरे पर मुस्कान आ गई। गुब्बारे वाले ने एसपी की तारीफ कर खुब धन्यवाद दिया।

देर रात IPS अखिल कुमार ने संभाली कानपुर पुलिस कमिश्नर की कमान

कानपुर के नवागंतुक पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने गुरुवार रात को चार्ज ग्रहण कर लिया है। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर की कमान संभालने वाले आईपीएस अखिल कुमार कानपुर के पांचवें पुलिस कमिश्नर है। चार्ज लेने के बाद आईपीएस अखिल कुमार ने सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू भी हुए।

अपराध और अपराधियों पर प्रभावी प्रहार के लिए मशहूर शहर के नए पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार की प्राथमिकता गरीब और असहाय लोगों को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए थानों पर फरियादी महिलाओं के प्रति पुलिस के व्यवहार को सुधारने पर प्रमुखता से काम किया जाएगा। बेहतर कानून व्यवस्था में व्यवधान बन रहे अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में बढ़ रहे तकनीक आधारित अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए आइआइटी से समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पुलिस साइबर अपराधों से निपटने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं के साथ से तकनीकी सहयोग लेकर इस पर प्रभावी कार्रवाई करेगी। आईपीएस अखिल कुमार ने अपराधों के नए तरीकों के बारे में कहा कि पुलिस टीम के साथ पुराने कार्यों की समीक्षा कर अपराधों पर अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए काम किया जाएगा।बेहतर कानून व्यवस्था में व्यवधान बन रहे अराजक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान पर बोले, ट्रैफिक एक मल्टी डाइमेंशनल मुद्दा है, जिसमें नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआइ, शिक्षा व अन्य विभागों का भी योगदान रहता है।सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 इंटेलिजेंस के कार्यभार मे वह कानपुर में रह चुके हैं कानपुर का ट्रैफिक तब भी प्रभावित था इसलिए यातायात को सुगम बनाने, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ट्रैफिक की अन्य समस्याओं से निपटने के लिए काबिल अफसर को डीसीपी ट्रैफिक का चार्ज दिया जाएगा इसके साथ ही सभी डीसीपी को अपने जोन में पुलिसिया व्यवस्थाएं बेहतर रखनी होगी  ताकि सभी पीड़ितो की सुनवाई समय पर हो सके उन्होंने कहा कि कानपुर में कोई भी अपराध करेगा तो कोई भी अपराधी व माफिया से किसी प्रकार से बख्शा नहीं जायेगा

अपनी जाति वाले सिपाहियों पर नहीं लेते एक्शन….आरोपों पर ADCP लखन सिंह का बयान

कानपुर पुलिस विभाग में इन दिनों एक लेटर की चर्चा है. सोशल मीडिया पर ये लेटर वायरल हो रहा है. जो हाइवे किनारे एक धर्म कांटा पर चस्पा किया गया था. लेटर किसी सिपाही द्वारा लिखा बताया जा रहा है. इसमें एडीसीपी (अपर पुलिस उपायुक्त) लखन सिंह यादव पर जातिवादी होने के आरोप लगाए हैं. हालांकि, एडीसीपी ने इसे महकमे को बदनाम करने की साजिश बताया है.

लेटर के जरिए एडीसीपी लखन सिंह यादव के ऊपर अपनी जाति के लोगों की तरफदारी करने का आरोप लगाया गया है. इसमें लिखा है कि एडीसीपी अपनी जाति के लोगों को सपोर्ट करते हैं. अगर उनकी जाति का सिपाही उनके पास किसी काम से जाता है तो वह उससे ढंग से मिलते हैं. बाकी लोगों से अभद्रता करते हैं.

कंप्लेंट मिलने पर अपनी जाति के सिपाहियों को वक्त देते हैं, जबकि दूसरी जाति के सिपाहियों पर तत्काल एक्शन ले लेते हैं. यही काम वसूली की शिकायत मिलने पर आरोपी सिपाहियों के साथ किया था. उन्होंने अपनी जाति के आरोपी सिपाही को छोड़ दिया था. जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई.

एडीसीपी ने इस पूरे मामले में क्या कहा?

बता दें कि लखन सिंह यादव कानपुर ईस्ट के एडीसीपी हैं. साथ ही 112 कंट्रोल रूम के भी प्रभारी हैं. इस मामले पर उनका कहना है कि 112 कंट्रोल रूम का प्रभारी बनने के बाद हाइवे पर वसूली की शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया है.

पिछले दिनों भी शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है. यह उन्हीं में से किसी की शरारत लगती है. जहां पर लेटर चस्पा मिला है वहां पर कोई सीसीटीवी नहीं है. फिर भी इस मामले की हम जांच कर रहे हैं. पुलिस विभाग में अनुशासन होता है.  किसी को कोई शिकायत है तो सीनियर के पास जा सकता है.

बकौल लखन सिंह- इस तरह की भाषा लिखकर पुलिस विभाग को बदनाम करना, अधिकारियों को बदनाम करना, यह गलत है. मेरे ऊपर जो जातिवाद के आरोप अब लगाए गए हैं ऐसा अभी तक किसी ने कहा नहीं. कानपुर में मेरे ऊपर डिप्टी जॉइंट कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर भी हैं. अगर किसी को कोई शिकायत हो है उनसे मेरी शिकायत कर सकता है. फिलहाल, इस मामले की जांच कराई जा रही है. जिसका भी यह काम होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी.

SP सिटी को मीट माफिया से दोस्ती पड़ गई भाई, एक झटके में हो गया तबादला

मेरठ में SP सिटी पीयूष कुमार सिंह का आज तबादला कर सुल्तानपुर PTS कर दिया गया है। उनकी जगह आयूष विक्रम को एसपी सिटी का कार्यभार सौंपा गया है। जहां पीयूष कुमार सिंह का तबादला हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ चर्चाओं का बाजार भी इस बात से गर्म चल रहा है कि आईपीएस पीयूष को मीट माफिया से दोस्ती भारी पड़ी गई है, या यह कहना भी गलत न होगा की एक आरोपी से दोस्ती का ही खामियाजा है कि उनका तबादला दूसरे जिले में कर दिया है।

दरअसल आईपीएस पीयूष का सुल्तानपुर PTS तबादला होने की असली वजह मीट माफिया के बेटे से दोस्ती बताई जा रही है। सूत्र की माने तो मीट माफिया की पिस्टल को आईपीएस ने “खिलौने” में बदली थी। असली पिस्टल से एक रेस्त्रां मालिक को धमकाया गया था। मीट माफिया के रेपिस्ट बेटे को बचाने का भी प्रयास किया गया था। मीट माफिया की कई कांडों में सरपरस्ती की गई थी। 2 दिन तक हिंदू युवती से रेपकांड को भी दबाया गया था। SSP के दखल के बाद ही रेप का केस दर्ज हो सका था।

मेरठ शहर में मीट कारोबारी का 500 अवैध मीट दुकानों का संचालन है। मीट माफिया के इशारे पर शहर में अवैध मीट शॉप धडल्ले से चल रही है। भाजपा के एक मंत्री ने मीट माफिया की शिकायत की थी। भाजपा नेता ने इस मामले में खुलकर विरोध भी किया था।

योगी सरकार ने 34 आईपीएस अफसरों को दिया नए साल से पहले प्रमोशन का गिफ्ट, SSP से बने DIG

उत्तर प्रदेश सरकार ने 34 आईपीएस अफसरों को प्रमोशन दिया है। यह सारे अफसर पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त जैसे पदों पर तैनात हैं। इन सभी को बतौर पुलिस उप-महानिरीक्षक पदोन्नत किया गया है। इसका आदेश उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने जारी कर दिया है। जिनमें अलीगढ़ के एसएसपी कलानिधि नैथानी और मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले आईपीएस अफसर संजीव त्यागी भी डीआईजी बन गए हैं।

यहां देखे किसे मिला प्रमोशन का तोहफा

Ips parmotion

  1. राजकमल यादव
  2. राकेश पुष्कर
  3. मनोज कुमार सोनकर
  4. कुलदीप नरायन
  5. मनीराम सिंह
  6. किरन यादव
  7. प्रमोद कुमार तिवारी
  8. राशीद खान
  9. एस आनंद
  10. राजीव नारायन
  11. सुशील कुमार सिंह
  12. अशोक कुमार-4
  13. प्रदीप गुप्ता
  14. डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह
  15. राधेश्याम
  16. कल्पना सक्सेना
  17. सुरेश्वर
  18. रामजी सिंह यादव
  19. संजय सिंह
  20. राम किशुन
  21. राजकमल यादव
  22. राकेश पुष्कर
  23. मनोज कुमार सोनकर
  24. कुलदीप नरायन
  25. मनीराम सिंह
  26. किरन यादव
  27. प्रमोद कुमार तिवारी
  28. राशीद खान
  29. एस आनंद
  30. राजीव नारायन
  31. सुशील कुमार सिंह
  32. अशोक कुमार-4
  33. प्रदीप गुप्ता
  34. डॉक्टर ओम प्रकाश सिंह

IPS Promotion: 82 IPS के प्रमोशन का रास्ता साफ, 40 IPS अफसर बनेंगे DIG, जारी हुआ आदेश

यूपी के 82 आईपीएस के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। करीब 40 IPS अफसरों के प्रमोशन की मंजूरी मिल गई है। ये सभी SSP से प्रमोट होकर DIG बनेंगे। सभी अफसर 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 2006 बैच के अफ़सर IG और 2010 बैच के IPS बनेगे DIG.  वर्ष 1999 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस रमित शर्मा और डॉ. संजीव गुप्ता आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह वर्ष 2006 बैच के आईपीएस डीआईजी से आईजी और 2010 बैच के आईपीएस एसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे, जबकि वर्ष 2011 बैच के अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड दिया गया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अफसरों को पदोन्नत किए जाने की संस्तुति की गई।

प्रमुख सचिव व डीजीपी विजय कुमार बैठक में मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी विजय कुमार भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार कुल 82 आईपीएस अफसरों को प्रोन्नति का लाभ मिला है। बैठक में वर्ष 1991 और वर्ष 1992 बैच के आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति देने की सिफारिश की गई है, जो भविष्य में होने वाली डीजी पद की रिक्तियों के सापेक्ष होगी। डीजी का पद रिक्त न होने से अभी 1990 बैच के ही सभी आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति नहीं हो पाई है। आगामी 31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार के रिटायर होने के बाद 1990 बैच के एक आईपीएस की प्रोन्नति होगी।

2010 बैच के आईपीएस एडीजी पद पर प्रोन्नत

एडीजी पद पर प्रोन्नत होने वाले रमित शर्मा वर्तमान में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर हैं, जबकि संजीव गुप्ता सचिव गृह के पद पर तैनात हैं। एसपी से डीआईजी पद पर प्रोन्नत किए जाने वाले वर्ष 2010 बैच के आईपीएस अफसरों में लगभग 32 अफसर शामिल हैं। इनमें वैभव कृष्ण, कलानिधि नैथानी, गौरव सिंह, प्रभाकर चौधरी, संजीव त्यागी, पूनम, कुंतल किशोर, हरीश चंद्र, सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, सत्येन्द्र कुमार व शिवहरि मीना आदि प्रमुख हैं।

इन अधिकारियों का हुआ प्रमोशन

IPS वैभव कृष्ण

IPS कलानिधि नैथानी

IPS गौरव सिंह

IPS प्रभाकर चौधरी

IPS संजीव त्यागी

IPS शगुन गौतम

IPS पूनम

IPS कुंतल किशोर

IPS हरीश चन्द्र

IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध

IPS सतेंद्र कुमार

IPS शिव हरि मीना

IPS राहुल राज

IPS शफीक अहमद

IPS राधेश्याम

IPS कल्पना सक्सेना

IPS सुरेश्वर

IPS रामजी सिंह यादव

IPS संजय सिंह

IPS राम किशन

IPS राकेश पुष्कर

IPS मनोज कुमार सोनकर

IPS कुलदीप नारायण

IPS मनीराम सिंह

IPS किरण यादव

प्रमोद कुमार तिवारी

IPS शहाब रशीद खान

IPS एस आनंद तथा कुछ अन्य अफ़सर बने DIG

खाकी वर्दी का दरोगा ने दिखाया खूब रौब: गरीब पर भी न आया तरस

वर्दी के नशे में चूर दरोगा ने एक टेंपो चालक के साथ अभद्रता की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी ने जांच शुरू करा दी है।

वीडियो वायरल होने पर हरकत में आए अफसर

मुजफ्फरनगर में चरथावल बस स्टैंड पर जाम खुलवाने के दौरान कस्बा प्रभारी ने चालक को टेंपो से खींचकर अभद्रता की। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने जांच शुरू करा दी।

कस्बे में चरथावल-थानाभवन मार्ग पर बस स्टैंड है। यहां दुकानदारों का मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, फलों के ठेलों एवं पाइप लाइन बिछने के कार्य से अक्सर जाम रहता है। गन्ने के ओवरलोड़ ट्रकों एवं ट्रॉलों ने हालात ज्यादा खराब कर दिए है। बस स्टैंड पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए थाने से दरोगा एवं होमगार्ड को ड्यूटी पर लगाया गया है।
बताया कि वाहनों के साथ ही सड़क के बीच में टेंपो आने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर होमगार्ड ने चालक से टेंपो हटवाकर साइड में लगवा दिया। आरोप है कि कस्बा प्रभारी दरोगा ने टेंपो से खींच कर चालक को डांटा फटकारा और नसीहत दी। अभद्रता भी की। घटना पास में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। इसके बाद यह वीडियो किसी ने वायरल कर दिया।

थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि मामले में किसी पीड़ित की कोई शिकायत नहीं मिली है। जाम खुलवाने के लिए चालक को डांटने की बात सामने आई है। उधर, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ सदर को वीडियो की जांच करने के आदेश दिए हैं।

तो क्या CM के महिला सुरक्षा वाले हुए फेल, महिला जज के बाद अब IPS ने ADG और IG पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, डीजीपी तक भी जा पहुंचा मामला

उत्तर प्रदेश की महिला जज की शारीरिक शोषण शिकायत और सीजेआई से इच्छामृत्यु मांगने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। दूसरी तरफ अब यूपी में तैनात महिला आईपीएस से साथ प्रताड़ना का मामला सामने आया है। प्रदेश की महिला IPS ने अपनी इकाई के एडीजी और आईजी के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की गंभीर शिकायत की है। शिकायत के बाद से ही महिला अफसर निजी कारणों का हवाला देकर लंबी छुट्टी पर हैं। डीजीपी ने महिला डीजी को मामले की जांच सौंपी है। आरोपित अफसरों के खिलाफ जांच चल रही है।

महिला अफसर की शिकायत में उनके दो वरिष्ठ अफसरों पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि दोनों अफसर लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। अफसरों द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में बेवजह अड़चन पैदा की जा रही थी। जाति को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। आरोप है कि महकमे की महिला हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात को लेकर दोनों अफसरों ने महिला अफसर के साथ काफी अभद्रता की, जबकि हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात महिला अफसर के कार्यक्षेत्र की नहीं थी।

डीजीपी ने बैठाई जांच

महिला आईपीएस का आरोप है कि दोनों अधिकारी विभागीय कार्यों में उन्हें बाईपास करके उनके जूनियर अफसरों से समन्वय कर रहे थे। प्रताड़ना बढ़ने के बाद महिला अफसर ने डीजीपी से मामले की शिकायत की। इसके बाद डीजीपी ने मामले की जांच डीजी स्तर की महिला अफसर को सौंप दी है।

10 साल की बच्ची से गैंगरेप, एक का शॉर्ट एनकाउंटर, दूसरा भी गिरफ्तार

देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आए दिन यहां लूटपाट और रेप जैसी आपराधिक घटनाएं घट रही हैं।अपराधियों और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के बड़े दावे यूपी पुलिस की ओर से किए जाते हैं लेकिन गाजियाबाद में अपराध अपने चरम पर हैं. पुलिस के लगातार प्रयासों के बावजूद अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम नजर आ रही है. गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक बार फिर गैंग रेप जैसी शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है.

लोनी थाना इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कार सवार दो लोगों ने गैंग रेप की घिनौनी घटना को अंजाम दिया है. बच्ची अपने घर से इलाके में निकल रही एक बारात देखने के लिए निकली थी और बारात के साथ आगे जाने पर रास्ता भटक गई, तभी दो लोगों ने एक कार में बैठाकर मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया.

बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और दूसरे आरोपी के दोनों पैरों में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगी हैं. घटना के दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

कहा था अगले मोड़ पर मिलेंगे यूपी पुलिस के यमराज…. मासूम संग दरिंदगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में धर दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने रेप के बाद बच्ची की हत्या करने वाले हैवान को एनकाउंटर कर दबोचा है. मामला जनपद बुलंदशहर का है जहां खानपुर क्षेत्र के इसनपुर रोड पर मासूम को अगवा करने के बाद रेप और फिर हत्या करने वाले हैवान से पुलिस की मुठभेड़ हुई. दरअसल 6 दिसंबर को गांव के ही रहने वाले 55 वर्षीय आरोपी सतीश चौधरी ने 9 वर्षीय बच्ची को अगवा कर लिया था और गांव के ही जंगल में ले जाकर रेप के बाद हत्या कर दी थी.

हालांकि हत्यारा सीसीटीवी कैमरे में 9 वर्षीय किशोरी को ले जाते दिख रहा था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सतीश चौधरी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया लेकिन सतीश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से सतीश घायल हो गया. फिलहाल पुलिस ने घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया है, जहां घायल का उपचार चल रहा है.

दरिंदे ने बच्ची से रेप के बाद हत्या कर ईख के खेत में उसका शव फेंक दिया था. इसके बाद बच्ची के शव को जंगली जानवरों ने भी अपना निवाला बनाया. दो दिन पहले ही पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया है और इसके बाद हत्यारे से पुलिस की मुठभेड़ हुई है. पूरे मामले में जानकारी देते हुए सीओ स्याना भास्कर मिश्रा ने बताया कि बीते 6 दिसंबर को एक बच्ची गांव से गायब हुई थी. इसके बाद पुलिस ने बच्ची को काफी खोजने का प्रयास किया लेकिन गांव के 55 वर्षीय सतीश चौधरी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर ईख के खेत में शव को फेंक दिया था.
दो दिन पहले पुलिस ने शव बरामद कर आज हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में दुराचारी हत्यारे को पैर में गोली लगी है घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है.