संभल के थाना बहजोई की चारदीवारी में खींची गईं कुछ तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर खलबली मचा रही हैं। तस्वीरों में संत प्रबोधानंद महाराज, जिनकी पहचान हरिद्वार से है, पुलिस स्टेशन के प्रभारी की कुर्सी पर बैठे नजर आते हैं। वहीं, एक नाबालिग कभी उनकी गोद में है, तो कभी उसी के हाथ में असलहा दिखाई दे रहा है।
इन फोटोज़ के वायरल होते ही मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों तक जा पहुंचा है। पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इन तस्वीरों पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे सेवक आचरण नियमावली का गंभीर उल्लंघन बताया है।
“थाना कोई मठ नहीं” – अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम की 9 तस्वीरों को डीजीपी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अफसरों को भेजते हुए निर्दोषों की सुरक्षा, और पद के सम्मान की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस परिसर में इस तरह की गतिविधि न केवल नियमों को ठेंगा दिखाती हैं, बल्कि पूरे महकमे की गरिमा पर सवाल उठाती हैं।
कौन था उस वक्त प्रभारी?
इन तस्वीरों में जो पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं, वह विनोद कुमार मिश्रा हैं, जो मार्च माह में बहजोई थाने के प्रभारी पद पर तैनात थे। फोटो में वह या तो मोबाइल में व्यस्त हैं या खड़े होकर संत से बातचीत कर रहे हैं, जबकि संत थाना प्रभारी की कुर्सी पर विराजमान हैं।
9 तस्वीरों से खड़ा हुआ सवालों का पहाड़
एक में संत अधिकारी कुर्सी पर हैं, और इंस्पेक्टर बगल में खड़े फोन पर व्यस्त हैं। एक में बच्चा हथियार के साथ संत की गोद में है। कुछ तस्वीरों में महिला समेत कई लोग थाने में नजर आ रहे हैं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
संभल के एसएसपी ने इस विषय पर कहा है कि, “नियमों की अनदेखी कहीं भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित इंस्पेक्टर को पहले ही थाने से स्थानांतरित किया जा चुका है।