कार्यवाहक DGP बनने के बाद CM योगी से मिलने पहुंचे IPS Prashant Kumar

आज यूपी पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार के रिटायरमेंट का दिन है, इसलिए विभाग को अपना नया मुखिया भी आज ही मिल गया। दरअसल, आईपीएस प्रशांत कुमार को यूपी पुलिस का नया कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद यूपी के कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात में कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार ने सीएम को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही सीएम ने भी उन्हें बधाई दी।

सीएम ने दी बधाई

जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी मिलने के बाद आईपीएस प्रशांत कुमार आज ही पांच कालिदास मार्ग मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी से मिलने पहुंचे। ये एक शिष्टाचार मुलाकात थी। इस दौरान प्रशांत कुमार ने सीएम को उनपर भरोसा दिखाने के लिए शुक्रिया कहा इसके साथ ही
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आईपीएस अफसर को शुभकामनाएं और बधाई दीं।

सरकार ने दिखाया भरोसा

आपको बता दें कि प्रशांत कुमार सीएम योगी के विश्वासपात्र अफसरों में है। यही वजह है कि एक बार फिर सरकार ने उनपर भरोसा दिखाया है। इससे पहले भी उन्हें सरकार ने यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया था। इसे के चलते अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। भले ही डीजीपी बनने की रेस में उनसे कई सीनियर अफसर शामिल थे, लेकिन ये जिम्मदारी उन्हें सौंपी गई है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

जाने क्यों CM योगी ने IPS प्रशांत कुमार को दी UP पुलिस के मुखिया की जिम्मेदारी

अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। भले ही डीजीपी बनने की रेस में उनसे कई सीनियर अफसर शामिल थे, लेकिन ये जिम्मदारी उन्हें सौंपी गई है। खबरों की मानें कि उन्हें ये जिम्मेदारी देने की वजह उनका काम और उनकी कार्यशैली है। योगी सरकार की तरफ से जब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी गई, तो आईपीएस प्रशांत कुमार ने उसे बखूबी निभाया, इसी वजह से एक बार फिर सरकार ने उनपर भरोसा दिलाया है।

अपराध को किया खत्म

जानकारी के मुताबिक, एक समय था, जब पश्चिमी यूपी में अपराध और अपराधियों का बोलबाला था। ऐसे में योगी सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने सबसे पहले आईपीएस प्रशांत कुमार को मेरठ का एडीजी बनाया। बस फिर क्या था, वहां उनके नेतृत्व में पुलिस विभाग ने सख्ती बरतना शुरू की और कई बड़े इनामी अपराधियों को ना सिर्फ मार गिराया। इन मुठभेड़ों की खास बात ये थी कि, आईपीएस प्रशांत कुमार खुद कई एनकाउंटर में शामिल रहे। प्रदेश भर में उनके नेतृत्व में 300 से ज्यादा एंकाउंटर हुए हैं।

हाल ही में मिला प्रमोशन

उनकी इसी कार्यशैली को देखने के बाद उन्हें एडीजी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई, जो कि अब तक वह बखूबी निभा रहे हैं। इसी के चलते यूपी की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने वो हर काम किया, जो किया जा सकता है। उनके अच्छे काम के चलते उन्हें हाल ही में प्रमोशन देकर डीजी बनाया गया था। अब जब कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है, तो एक बार फिर उनका अलग अंदाज देखने को मिल सकता है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

UP Police के चौथे कार्यवाहक DGP बने प्रशांत कुमार, जानें इनके बारे में…

और इसी के साथ एक बार फिर से यूपी पुलिस को नया कार्यवाहक मुखिया मिल गया। दरअसल, अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। आपको बता दें कि आज विभाग के तीसरे कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में उनकी जगह ये जिम्मेदारी अब आईपीएस प्रशांत कुमार को दी गई है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

जानकारी के मुताबिक, स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को हाल ही में चौथी बार गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वो प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है। बतौर आईपीएस प्रशांत कुमार का चयन जब हुआ था तो उन्हें तमिलनाडु कैडर मिला था। हालांकि 1994 में यूपी कैडर की आईएएस डिम्पल वर्मा से शादी के बाद वह यूपी कैडर में ट्रांसफर हो गए। इस वक्त वो बतौर स्पेशल डीजी यूपी पुलिस में तैनात हैं। अपने कार्यकाल में वो अब तक 300 से ज़्यादा बदमाशों से भिड़ चुके हैं।

ये भी थे रेस में

खबर थी कि, इस बार डीजीपी के पद की जिम्मेदारी आईपीएस आनंद कुमार को दी जा सकती है क्योंकि आनंद कुमार इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार में उन्होंने लंबे समय तक एडीजी एलओ का कार्यभार बेहतर ढंग से संभाला था। इसके साथ ही दूसरे नंबर पर 1989 बैच के पीवी रामा शास्त्री और तीसरे नंबर पर 1990 बैच के आईपीएस एसएन साबत थे। वर्तमान समय में आईपीएस रामा शास्त्री इस समय प्रतिनियुक्ति पर डीजीपी पीएसएफ हैं। वह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर रह चुके हैं। वहीं एसएन साबत इस समय डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं।

जानें कौन हैं IPS रवीना त्यागी, जिन्हें Lucknow पुलिस कमिश्नरेट में मिला DCP का पद

इस साल की शुरुआत में ही आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का सिलसिला जारी हो गया था। इसकी एक वजह है कि कुछ ही समय में चुनाव होने को हैं, ऐसे में प्रशासन हर वो पुख्ता कदम उठा रहा है, जिसकी वजह से चुनाव सकुशल संपन्न होंगे। इसी क्रम में बीती शाम भी तबादला हुआ। इस तबादला लिस्ट में आईपीएस रवीना त्यागी का नाम शामिल है। IPS रवीना त्यागी 2014 कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में बेहद कामयाब अफसर रहीं थीं। लोगों को उनका काम काफी ज्यादा पसंद था। अब उन्हें एक बार फिर से फील्ड पर भेजा गया है।

लोगों को पसंद है उनकी कार्यशैली

जानकारी के मुताबिक, रवीना त्यागी 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई महर्षि विद्या मंदिर भोपाल से की। 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं दी। इसके बाद जेपी इंस्टीटयूट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी नोएडा से बीटेक बायोटेक्नोलॉजी से किया है। इसके बाद उन्होंने सिविल की तैयारी की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सफलता हासिल की। 2014 में उनकी सिविल सर्विसेज में 170वीं रैंक थी।

उनकी पहली पोस्टिंग एएसपी के पद पर मुरादाबाद में हुई थी। मुरादाबाद में मनचलों ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर जमावड़ा लगाना बंद कर दिया था। इसके बाद आईपीएस रवीना त्यागी जब 2018 में कानपुर साउथ की एसपी बनी थीं। उस समय उन्होंने स्कूल, कॉलेजों के बाहर एक पेटी लगवाई थी, जिसमें छात्राएं और महिलाएं अपनी समस्याओं को लिखकर उस पेटी में डाल सकती थीं। उनके इसी काम की वजह से लोगों को उनकी कार्यशैली काफी पसंद आई थी।

अब फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी

कानपुर जिले में तैनाती के बाद कुछ समय पहले आईपीएस रवीना त्यागी को पुलिस अधीक्षक महिला और बाल सुरक्षा संगठन के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई थी। कानपुर से उनके तबादले की खबर आने के बाद हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सीपी आरके स्वर्णकार से आईपीएस रवीना त्यागी के ट्रांसफर पर रोक लगाने की मांग की है।

अब एक बार फिर से रवीना त्यागी को फील्ड पर उतारा गया है। उन्हें अब लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का डीसीपी बनाया गया है। ऐसे में एक बार फिर से चुनाव आने से पहले प्रशासन ने उन पर भरोसा दिलाया है।

इस तरह होती है DGP की नियुक्ति…आप भी जानें पूरी प्रक्रिया

आज यूपी पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के कार्यकाल का आज आखिरी दिन है, लेकिन अभी तक विभाग के नए मुखिया के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में अभी तक बस लोग ये कयास लगा रहे हैं, कि आखिर अब ये जिम्मेदारी किसे दी जाएगी। यूपी पुलिस विभाग को काफी लंबे समय से स्थायी डीजीपी नहीं मिला है। ऐसे में इस बार भी ऐसी ही खबर सामने आ रही है कि, इस बार भी विभाग को कार्यवाहक डीजीपी ही मिलेगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि स्थायी डीजीपी के चयन की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो जाती है, लेकिन अभई तक इस बार इसकी शुरुआत नहीं हुई है।

ऐसे होता है चयन

जानकारी के मुताबिक, अगर डीजीपी के चयन की प्रक्रिया की बात करें तो देश के किसी भी राज्य के डीजीपी की नियुक्ति के लिए सरकार को डीजी रैंक के ऐसे आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजना होता है, जिनका कार्यकाल कम से कम छह महीने का बचा हुआ हो।

इस आयोग में यूपीएससी के चैयरमैन या यूपीएससी का सदस्य इम्पैनलमेंट कमेटी के अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा भारत सरकार के गृह सचिव या विशेष सचिव, राज्य के मुख्यसचिव, वर्तमान डीजीपी व केंद्रीय बल का कोई एक प्रमुख शामिल होता हैं। आयोग तीन सबसे सीनियर आईपीएस अफसरों का एक पैनल राज्य सरकार को भेजता है।

इन्हें बनाया जाता है स्थायी डीजीपी

अगर सुप्रीम कोर्ट के नियमों की मानें तो उस अफसर को स्थायी डीजीपी बनाया जा सकता है, जिनके रिटारयमेंट में दो साल बाकी हों। इसी के चलते डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो वर्ष के लिए होती है। अगर बात करें डीजीपी को उनके पद से हटाने की तो डीजीपी को तब हटाया जा सकता है, जब वह अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो।

UP DGP विजय कुमार के कार्यकाल का अंतिम दिन आज, कल लेंगे फेयरवेल

यूपी के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार का आखिरी दिन है। कल उनका रिटायरमेंट है। उनके रिटायरमेंट की वजह से एक बार फिर से लोग ये कयास लगाने लगे हैं, कि आखिर अब यूपी पुलिस की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी। हालांकि एक खबर ये भी है कि हो सकता है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उनके कार्यकाल का समय बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अभी इस तरह की कोई खबर सामने नहीं आ रही है। ऐसे में हर कोई नए डीजीपी के नाम का इंतजार कर रहा है।

डीजीपी विजय कुमार हैं 1988 बैच के अधिकारी

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।विजय कुमार की गिनती पुलिस महकमे में एक तेज तर्रार और ईमानदार अधिकारी के रूप में रही है। 31 मई 2023 को उन्हें डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। उस समय वह डीजी सीबीसीआईडी के पद पर तैनात थे। 7 नवंबर 2023 को उन्हें डीजी सीबीसीआईडी के पद से हटाकर निदेशक विजिलेंस के पद पर नियुक्त किया गया।

उन्होंने अपने कार्यवाहक डीजीपी के पद की जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया है। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलता राम मंदिर का उद्घाटन है। हाल ही में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें देशभर से हजारों वीवीआईपी लोग अयोध्या पहुंचे। सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूपी पुलिस ने बखूबी निभाई। इसके साथ ही वर्तमान समय में जब एक साथ लाखों लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं, तब भी वहां सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है।

अनुभव की वजह से मिली थी जिम्मेदारी

अगर इनके कार्यकाल की बात करें तो आईपीएस विजय कुमार एसएसपी पीलीभीत, बांदा, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर व लखनऊ के अलावा डीआईजी रेंज इलाहाबाद, मेरठ व आजमगढ़ के पद पर भी तैनात रहे हैं। आईजी जोन आगरा, कानपुर व गोरखपुर के तौर पर भी उन्हें फील्ड का अच्छा अनुभव है। वह एडीजी सुरक्षा, यातायात व पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके इसी अनुभव के चलते उन्हें यूपी पुलिस की कमान सौंपी गई थी।

SDM पिता की SP बेटी को मिला DGP का प्लेटिनम चिन्ह, मिल रहीं बधाईयां

आज पूरे देश में गणतंत्र दिवस की धूम दिखाई दे रही है। 75वें गणतंत्र दिवस पर जगह-जगह झंडा लहराया जा रहा है और साथ में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आज के दिन यूपी पुलिस के मुखिया यानी कि डीजीपी उन अफसरों को सम्मानित करते हैं, जो अपने क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं। इसी क्रम में आज के शुभ दिन एडीएम पीलीभीत राम सिंह गौतम की होनहार, और मेहनती IPS प्राची सिंह को डीजीपी के प्लेटिनम चिन्ह से सम्मानित किया गया। आईपीएस प्राची सिंह वर्तमान समय में सिद्धार्थनगर में तैनात हैं।

अपराधियों की तोड़ी कमर

जानकारी के मुताबिक, 2017 बैच की आईपीएस और सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह की ओर से जनपद श्रावस्ती में नियुक्ति के दौरान 14 एनकाउंटर करके अपराधियों की कमर तोड़ दी गई थी।अपराधियों के नजर में कड़क अधिकारी के रूप में खौफ बनी थीं। उनके नाम से भी अपराधी डरने लगे थे

ऑपरेशन चिराग को बनाया सफल

इतना ही नहीं ऑपरेशन चिराग के तहत 250 नाबालिग बच्चों की बरामदगी, गोकसी व गो तस्करी पर रोक लगाए जाने तथा ऑपरेशन कवच के क्रियान्यवन व अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की ओर से गणतंत्र दिवस 2024 के अवसर पर प्लेटिनम मेडल देने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है।

Republic Day 2024: 56 अपराधियों का एनकाउंटर करने वाले IG DEEPAK KUMAR को मिला ये सम्मान

उत्तर प्रदेश ने जाबांज अफसरों की कमी नहीं हैं। ऐसे में आज गणतंत्र दिवस के दिन उन्हीं जाबांज अफसरों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में शानदार काम किया है। इस लिस्ट में आईजी दीपक कुमार का नाम शामिल हैं। आईजी दीपक कुमार को मेरिटोरियस सर्विस मेडल (MSM ) से आज सम्मानित किया जा रहा है। आईपीएस दीपक कुमार यूपी पुलिस के ऐसे बहादुर अधिकारी हैं, जो अब तक 56 से भी ज्यादा बदमाशों को ढेर कर चुके हैं। दीपक काफी सख़्त पुलिस ऑफिसर माने जाते हैं। वे वर्तमान में आगरा रेंज के आईजी हैं।

कौन हैं दीपक कुमार

जानकारी के मुताबिक, बिहार के बेगूसराय में दीपक कुमार का जन्म हुआ। किसान परिवार में जन्में दीपक की पढाई-लिखाई भी बेगूसराय में ही हुई। गांव के हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ाई करने के बाद वो ग्रेजुएशन के लिए बनारस चले गए। दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वो पत्रकार बनना चाहते थे, लेकिन उनकी रुचि सिविल सर्विस की तरफ हुई तो उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की। दीपक 2005 बैच के IPS अधिकारी है। भले ही एक समय वो पत्रकार बनना चाहते हो, लेकिन आज के समय में उनका नाम प्रदेश के सबसे ईमानदार, जाबांज, और कर्मठ अफसरों में लिया जाता है। अगर इनके करियर की बात करें तो दीपक कुमार सबसे पहले 2003 में दिल्ली कैडर में सिलेक्ट हुए थे। उनको दिल्ली पुलिस में एसीपी बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने ने सिविल सर्विस का एग्जाम दिया और 2005 में IPS में सेलेक्ट हुए। साल 2007 में उन्हें गाजियाबाद का एएसपी बनाया गया जहां उनकी एक अलग पहचान बनी। काम के समय बेहद सख्त दिखने वाले दीपक कुमार, काफी नरम मिजाज के अफसर हैं। लोगों की समस्या का निस्तारण उनकी प्राथमिकताओं में शुमार है।

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लखनऊ में किया शानदार काम

इनके कार्यकाल की बात करें तो दीपक कुमार गाजियाबाद के अलावा अयोध्या, अलीगढ़ कई जिलों में पोस्टेड रहे। साल 2017 में योगी सरकार बनते ही उन्हें राजधानी लखनऊ में पोस्टिंग मिली तो वो वहां अपने कामों को लेकर काफी मशहूर हुए। मुहर्रम के जुलूस को लेकर लखनऊ में हर साल हिंसा की खबरें आती थी, लेकिन दीपक कुमार ने अपनी समझदारी से मुहर्रम के जुलूस का रूट बदल दिया जिससे तनाव काफी कम हो गया। इस वजह से पूरे प्रदेश ने उनकी काफी तारीफ हुई थी। उन्हें डीजीपी के प्रशंसा चिन्ह से भी सम्मानित किया गया था।

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बदमाशों को भी किया ढेर

उन्होंने अपने कार्यकाल में 50 से ज्यादा बदमाशों को ढेर किया है। एक समय जब राज्य में बांग्लादेशी गिरोह तेजी से फैल रहा था, उस वक्त दीपक कुमार इस गिरोह की पूरी तरह से जड़ें खोद डाली। इसके अलावा राजस्थान के बावरिया गैंग का भी उत्तर प्रदेश से उन्होंने पूरी तरह से खात्मा किया। फिलहाल वो आईजी पद पर तैनात हैं। इसी साल जनवरी वह डीआईजी से प्रमोट करके आईजी बने। वर्तमान समय में वो आगरा रेंज के आईजी पद पर तैनात हैं।

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