कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए मेरठ पुलिस इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थानों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया है। इस सेंटर में करीब 50 LED स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनसे लगभग 200 CCTV कैमरे कनेक्ट हैं। इन कैमरों के जरिए कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अलग-अलग शिफ्ट में होती है निगरानी
कंट्रोल कमांड सेंटर में पुलिसकर्मियों की 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। शिफ्ट के अनुसार पुलिसकर्मी स्क्रीन पर अलग-अलग स्थानों की निगरानी करते हैं। किसी भी स्थान पर जाम, भीड़ या अन्य समस्या दिखाई देने पर तत्काल संबंधित क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना दी जाती है, ताकि मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
अब तक कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से कांवड़ यात्रा से संबंधित **237 इनपुट और सूचनाओं का निस्तारण** किया जा चुका है। इनमें यातायात व्यवस्था से जुड़ी सूचनाओं के साथ ही कांवड़ मार्ग पर सामने आने वाली अन्य समस्याएं भी शामिल हैं।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी कांवड़ मार्ग पर अचानक जाम लग जाता है तो कंट्रोल सेंटर में बैठे पुलिसकर्मी CCTV कैमरों के माध्यम से स्थिति को देख लेते हैं। इसके बाद नजदीकी पुलिस प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को तत्काल मौके पर भेजा जाता है। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित कराने और कांवड़ियों की आवाजाही सुचारु कराने का काम करते हैं।
अहम भूमिका निभा रहा ये सेंटर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में कंट्रोल कमांड सेंटर अहम भूमिका निभा रहा है। CCTV निगरानी के कारण पुलिस को किसी घटना या समस्या की जानकारी मिलने में कम समय लग रहा है और मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो रही है।
इस बार कांवड़ यात्रा में पुलिस की ओर से तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। CCTV कैमरों, LED स्क्रीन और कंट्रोल सेंटर के जरिए यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि यातायात से जुड़ी समस्याओं का भी तेजी से समाधान किया जा रहा है।