वाराणसी कमिश्नरेट के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में आंबेडकर झंडा विवाद ने दूसरे दिन फिर हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच बढ़े तनाव के चलते जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि इस दौरान विदुष सक्सेना, एसीपी सारनाथ भी पथराव की चपेट में आ गईं और उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा एक दरोगा समेत दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। स्थिति को काबू में करने के लिए पांच थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है।
ये था मामला
पूरा मामला 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के दिन से शुरू हुआ। नेहिया गांव में भैरव बटुक धाम जाने वाले गेट पर कुछ लोगों द्वारा आंबेडकर का झंडा लगाया गया था। आरोप है कि बाद में कुछ असामाजिक तत्वों ने झंडे को फाड़कर जला दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान माहौल और गरमा गया, जब हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया था, लेकिन अगले दिन फिर तनाव भड़क उठा।
आज हुई पत्थरबाजी
शुक्रवार को दोबारा दोनों संगठनों के लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस अब पूरे इलाके में सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।