कानपुर के बिधनू इलाके में जमीन को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को हिंसक हो गया। खेत पर कब्जे का विरोध करने पहुंचे लोगों पर गोलियां चला दी गईं। इस घटना में चार लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल परिवार का दावा है कि विवाद को लेकर पहले ही कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। घटना की जांच के बाद बिधनू के इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह और खड़ेसर चौकी प्रभारी नवीन शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
खेत की मेड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला दहेली उजागर गांव का है। रामजी पुरवा निवासी महेश राजपूत के परिवार ने करीब दो साल पहले रोशनलाल के नाम पर यहां तीन बीघा जमीन खरीदी थी। परिवार खेती के जरिए जमीन का इस्तेमाल कर रहा था। इसी बीच पास के बगीचे की रजिस्ट्री कराने वाले मुन्ना सिंह राठौर के परिवार से जमीन को लेकर तनातनी शुरू हो गई।
महेश का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग उनकी जमीन पर अपना कब्जा जमाना चाहते थे। इस संबंध में उन्होंने थाने से लेकर जनशिकायत पोर्टल तक गुहार लगाई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ।
विरोध करने पर निकाले हथियार, चार को लगी गोली
बुधवार को महेश को खेत की सीमा पर सीमेंट के खंभे लगाए जाने की जानकारी मिली। वह मौके पर पहुंचे और इसका विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान मुन्ना सिंह राठौर, उसके भतीजे सागर पाल सिंह राठौर और उनके साथ आए लोगों ने पहले मारपीट की। इसके बाद बंदूक और तमंचों से गोलियां चला दीं।
फायरिंग में महेश के हाथ, सिर और पैर में चोट आई। अखिलेश और शीबू के पैरों में, जबकि साहिल की कमर के निचले हिस्से में गोली लगी। घायलों को उपचार के लिए कानपुर जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पुलिस ने मुन्ना सिंह और उसके बेटे शशिकांत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अधिकारियों की जांच में सामने आई पुलिस की लापरवाही
परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद थाना स्तर पर विवाद को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना के वक्त भी मदद के लिए फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि पीड़ितों ने थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को पहले भी मामले की जानकारी दी थी। इसके बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर दोनों को लाइन हाजिर किया गया।
जालौन पुलिस से कहासुनी भी बनी कार्रवाई की वजह
कानपुर पुलिस विभाग में एक अन्य कार्रवाई गुजैनी चौकी प्रभारी कमल किशोर पर हुई है। कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के आरोपी की तलाश में जालौन पुलिस कानपुर पहुंची थी। इस दौरान चौकी प्रभारी से विवाद हो गया। जालौन के एसपी ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद कमल किशोर को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। इस तरह दो अलग-अलग मामलों में तीन पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई हुई है।