उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिपाही सुनील शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सुनील शुक्ला लंबे समय से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर पुलिस विभाग में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे थे। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई वीडियो भी जारी किए थे, जो तेजी से वायरल हुए थे।
सीएम से की थी अपील
सूत्रों के अनुसार, सुनील शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अपील की थी कि पुलिस विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच कराई जाए। उनके इन बयानों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले उन्हें निलंबित किया और फिर विस्तृत जांच के आदेश दिए।
जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपों की गहन जांच की। पुलिस विभाग के अनुसार, जांच में सुनील शुक्ला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार पाया गया। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।
अफसरों ने कहा ये
अधिकारियों का कहना है कि सुनील शुक्ला पर सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग की छवि धूमिल करने, अनुशासनहीनता फैलाने और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आरोप साबित हुए हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023 और सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के विभिन्न प्रावधानों के तहत की गई है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवा में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।