लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी लखनऊ से मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत करते हुए महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर बड़ा संदेश दिया। लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदेश के 1,647 थानों में स्थापित नए मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन किया और इन केंद्रों के संचालन से जुड़ी एसओपी पुस्तिका का विमोचन भी किया।
सीएम ने कहा ये
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2020 में मिशन शक्ति की नींव नारी सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर रखी गई थी। उन्होंने कहा कि आज इसके सकारात्मक परिणाम हमारे सामने हैं। महिलाएं और बेटियां अब बिना डर आगे बढ़ रही हैं। जिस यूपी में कभी बेटियां अपने को असुरक्षित समझती थीं, वहां आज पुलिस और सरकार उनका संबल बनी है।
उन्होंने अपने संबोधन में बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का जिक्र करते हुए सख्त संदेश दिया। सीएम योगी ने कहा, आपने देखा होगा महिला अपराध में शामिल एक अपराधी दूसरे राज्य से घुसा था।
वह शायद मारीच की तरह भेष बदलकर आया, लेकिन जब यूपी पुलिस की गोली ने उसका रास्ता रोका तो वह खुद रोने लगा और माफी मांगते हुए कह रहा था कि अब कभी यूपी की सीमा में कदम नहीं रखेगा। यही हश्र हर उस अपराधी का होगा जो हमारी बेटियों की सुरक्षा को चुनौती देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्र अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि महिलाओं को योजनाओं की जानकारी, कानूनी मदद और आत्मनिर्भरता के अवसर भी मुहैया कराएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई और विवाह तक के लिए आर्थिक सहायता की कई योजनाएं पहले से लागू हैं।
दिया निर्देश
सीएम ने सभी विभागों को मिशन शक्ति को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और महिलाओं को योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने की जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज में नारी सम्मान की नई क्रांति है।