बागपत से आया एक वीडियो अब पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। इसमें वर्दी पहने एक हेड कांस्टेबल सिस्टम से ही सवाल पूछ रहा है।
ये हेड कांस्टेबल हैं ओमवीर सिंह राजपूत। पहले बिनौली थाने में तैनात थे। मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं। फेसबुक पर वीर राजपूत नाम से उन्होंने एक वीडियो डाला है, जो अब तेजी से फैल रहा है।
ये है मामला
वीडियो में ओमवीर ने दो हालिया घटनाओं का हवाला दिया। उनका कहना है कि एक हफ्ते के अंदर दो पुलिसकर्मी दुनिया छोड़ गए। गोंडा में एक सिपाही बीमारी से जूझ रहा था, लेकिन उसे वक्त पर इलाज नहीं मिला। आगरा में एक महिला सिपाही ने घरेलू तनाव से तंग आकर जान दे दी।
ओमवीर का सवाल यही है कि क्या इन दोनों को बचाया जा सकता था? उनकी दलील है कि अगर बीमार जवान को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता और महिला कर्मी को परिवार से थोड़ा सहारा मिल जाता, तो शायद आज दोनों जिंदा होते।
वीडियो में उन्होंने एक बड़ा सवाल भी छोड़ा है। पुलिसकर्मी सबकी सुनता है, लेकिन उसकी कौन सुनता है? ड्यूटी, दबाव, परिवार से दूरी और मानसिक थकान, इन सब पर बात करने वाला कोई नहीं है।
ओमवीर इससे पहले भी इसी मुद्दे पर बोल चुके हैं। दो बार वह वीडियो के जरिए अपनी बात रख चुके हैं। उस वक्त तत्कालीन कप्तान ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। अब तीसरे वीडियो के बाद फिर हलचल है।
एसपी ने भेजा जांच के लिए
बागपत के एसपी पूर्णेंदु सिंह ने मामले को जांच के लिए भेज दिया है। सीओ डॉ. सुकन्या शर्मा को जांच सौंपी गई है। एसपी का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि आगे क्या होगा।
इधर, सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे जवानों के दर्द की आवाज बता रहे हैं, तो विभाग इसे अनुशासन का मामला मान रहा है।