दीपोत्सव-2026 को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए अयोध्या में सुरक्षा का बड़ा जाल बिछाया गया है। इस बार आयोजन की सुरक्षा में करीब 6000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पूरे आयोजन क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है, ताकि हर घाट, चौराहे और भीड़ वाले इलाके पर सीधी नजर रखी जा सके।
जिम्मेदारी की गई तय
सुरक्षा की कमान बड़े अधिकारियों के हाथ में होगी। व्यवस्था संभालने के लिए 20 अपर पुलिस अधीक्षक और 45 क्षेत्राधिकारी मैदान में उतरेंगे। हर जोन में एक वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। सेक्टर के अंदर भी पुलिस टीमें लगातार गश्त करेंगी। भीड़ को नियंत्रित करने और रास्तों को साफ रखने के लिए अलग से टीमें बनाई गई हैं।
पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी लगाया गया है। पीएसी की 9 कंपनियां आयोजन स्थल और उसके आसपास तैनात रहेंगी। आरएएफ की 3 कंपनियां भी भीड़ प्रबंधन और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए मौजूद रहेंगी। सरयू नदी के तटबंधों पर पीएसी की फ्लड कंपनी को लगाया गया है, ताकि नदी क्षेत्र में भी सुरक्षा बनी रहे।
खास सुरक्षा के लिए यूपी एटीएस की दो कमांडो टीमें भी दीपोत्सव में मुस्तैद रहेंगी। ये टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। ये टीमें नदी में या भीड़ में किसी हादसे की स्थिति में बचाव कार्य संभालेंगी।
ड्रोन से रखी जाएगी नजर
प्रशासन का कहना है कि इस बार दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसी वजह से सुरक्षा को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। सीसीटीवी, ड्रोन और कंट्रोल रूम से भी पूरे आयोजन पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि श्रद्धालु बेफिक्र होकर दीपोत्सव का आनंद ले सकेंगे, क्योंकि सुरक्षा का हर इंतजाम पहले से पुख्ता कर लिया गया है।