UP DGP की रेस में इन अफसरों का नाम शामिल, जानें इनके बारे में

आगामी 31 जनवरी के दिन यूपी पुलिस के वर्तमान डीजीपी विजय कुमार रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में फिर से एक बार हर किसी को उस पल का इंतजार है, जब प्रदेश पुलिस को नया डीजीपी मिलेगा। इसी क्रम में एक बार फिर से यूपी पुलिस के नए डीजीपी के पद के लिए नामों के कयास लगने लगे हैं। वर्तमान समय में UP के नये कार्यवाहक DGP की रेस में 4 IPS अफ़सरो का नाम ब्यूरोकेसी के गलियारों में चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि, इन्हीं में से एक अफसर को ये जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। इस लिस्ट में IPS पी. वी. रामशास्त्री, IPS रेणुका मिश्रा, IPS एस. एन. साबत और IPS प्रशांत कुमार का नाम शामिल है। आइए आपको भी इन अफसरों के बारे में बताते हैं।

IPS पी. वी. रामशास्त्री

सबसे पहले बात करते हैं मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के निवासी पीवी रामा शास्त्री की, जोकि 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पीवी रामा शास्त्री पूर्व में जॉइंट सेक्रेटरी, कन्ज्यूमर अ्फेयर्स भारत सरकार में नियुक्त थे। वह भारत सरकार की NIA में बतौर आईजी अपनी सेवाएं दे चुके है। 1997-98 में इलाहाबाद जीआरपी में पुलिस अधीक्षक और 1999-2000 में बलिया जिले में तैनात रहे हैं। पीवी रामा शास्त्री गुजरात पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 2006 में उन्हें पुलिस डिपार्टमेंट के सर्वोच्च सम्मान पुलिस सर्विस मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

IPS रेणुका मिश्रा

रेणुका मिश्रा 1990 बैच की आईपीएस अफसर हैं। पिछली बार डीजीपी के चुनाव के वक्त सीनियारिटी के क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा 4 सीनियर आईपीएस अधिकारियों से पीछे थी। उन्होंने बीकॉम कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और पोस्ट ग्रेजुएशन में एमए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से किया है। रेणुका मिश्र को 2005 में डीआईजी, 2010 में आईजी, 2014 में एडीजी और 2021 में डीजी पद पर प्रमोट किया गया था। आईपीएस रेणुका को 26 जनवरी 2023 को डीजी प्लेटिनम प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

IPS एस. एन. साबत

1990 बैच के यूपी कैडर के दबंग पुलिस अफसर एसएन साबत. को कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के जेल महानिदेशक/ महानिरीक्षक की बागडोर सौंपी हैं। 33 साल की ड्यूटी में उनके ऊपर किसी तरह का आरोप नहीं लगा। आईपीएस अफसर एस एन साबत ने अपना पुलिस करियर एएसपी के रूप में वाराणसी जिले से शुरु किया था। बाद में वे अलीगढ़ और अयोध्या में एएसपी रहे। उसके बाद जालौन, मिर्जापुर और वाराणसी में पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रहे। फिर उन्हें मिर्जापुर, कानपुर और बनारस के पुलिस उप-महानिरीक्षक पद पर कार्य करने का भी मौका मिला। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रहते हुए एसएन साबत पुलिस महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। साल 2006 और फिर 2014 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।

IPS प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

हापुड़: रेस्टोरेंट के कर्मचारी पर थप्पड़ बरसाते हुए दारोगा का वीडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड

यूपी पुलिस के कर्मचारी लगातार लोगों की मदद को आगे आते रहते हैं, लेकिन कुुछ पुलिसकर्मी बाकियों की मेहनत पर पलीता लगा रहे हैं। मामला हापुड़ जिले का है, जहां एक दारोगा ने एक पिज्जा कैफे में घुस कर दुकान के कर्मचारियों को चांटा जड़ दिया। ये पूरा मामला रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जब मामला अफसरों के संज्ञान में आया तो पुलिस की फजीहत को देखते हुए एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।

युवस पर बरसाए थप्पड़

जानकारी के मुताबिक, हापुड़ जिले में नगर के मोहल्ला लज्जापुरी निवासी अमित कुमार का मोदीनगर रोड पर रेस्टोरेंट है। सोशल वीडियो पर वायरल वीडियो में केशव नगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक नसीम अहमद रेस्टोरेंट में दाखिल होते हैं।

यहां दरोगा पर्दे हटाने की बात करते हुए कर्मचारियों के साथ गाली गलौज करते हुए थप्पड़ बरसाने शुरू कर देते है। रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे में दरोगा की यह हरकत कैद हो जाती है। पीड़ित ने दरोगा पर महीना मांगने का भी आरोप लगाया है।

एसपी ने किया सस्पेंड

देर शाम मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिस पर जिले के एसपी ने मामले की जांच डीएसपी को सौंपी। वीडियो को लेकर एसपी ने तत्काल प्रभाव से आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही एसपी ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा कोई कृत्य न करें जो विधि के प्रतिकूल हो।

आधुनिक तकनीकों की मदद से संभाली जा रही अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस के साथ ATS भी तैनात

जैसे-जैसे 22 जनवरी का दिन पास आ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का उत्साह और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए हजारों लोग 22 जनवरी के दिन अयोध्या पहुंचने वाले हैं। इनमें पीएम मोदी समेत देश के कई दिग्गज शामिल हैं। फिल्म, खेल, साहित्य, लेखन, वैज्ञानिक समेत अन्य जगत के नामचीन लोग भी बहुतायत संख्या में पहुंचेंगे। इसके चलते वहां सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए हैं। इसी क्रम में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक आयोजन से पहले ही देश की सुरक्षा एजेंसियां अग्नि परीक्षा से गुजर रही हैं। ये इतिहास में पहली बार है, जब कई आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही हैं।

आधुनिक तकनीकों से होगी जांच

जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी के दिन 6,000 से अधिक वीवीआईपी अयोध्या पहुंचेंगे। समारोह में जेड प्लस और वाई प्लस श्रेणी के सुरक्षा वाले अतिथि भी शामिल हैं। ऐसे में फील्ड स्तर पर अलग-अलग टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं। इसमें कई आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले में ड्रोन के आधार पर एंटी सैबोटॉज चेकिंग हो रही है। 20 टीमें लैंडमाइन डिटेक्शन कर रही हैं। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी लागू है। इसकी मदद से स्किन पैटर्न को पहचानने से लेकर चेहरे की 3डी आकृति तक बनाई जाएगी।

नदी पर भी फोर्स तैनात

जिले भर में रेड जोन और यलो जोन के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए टीमें गठित कर दी गईं हैं। नगर में प्रवेश करने वाले सभी आगंतुकों की निगरानी नगर की सीमाओं से ही शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए दस हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। इसके अलावा सरयू नदी में जियो-फेंसिंग प्रणाली लागू की गई है।

इसकी मदद से नदी में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि होने पर तत्काल फ्लोटिंग कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। जल पुलिस को भी भारी तादाद में नदी पर तैनात किया गया है। नगर के प्रमुख स्थान राम की पैड़ी, कनक भवन, सरयू नदी तट, हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम स्टेशन, राम जन्मभूमि मार्ग के इर्द-गिर्द के क्षेत्र सहित अन्य कई स्थान पर एटीएस कमांडो ने बख्तर बंद गाड़ियों और बाइक से रेकी की है।

Chandauli Police को मिली बड़ी सफलता, एनकाउंटर में बावरिया गिरोह के 8 बदमाश घायल

 

 

यूपी की चंदौली पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसके अंतर्गत दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी बदमाशों को पैर में गोली लगी है। घयालों को इलाज के लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों की मानें तो इन्हीं बदमाशों ने कुछ दिनों पूर्व पचफेड़वां में व्यापारी के घर में घुसकर लूट का प्रयास किया था। तभी से पुलिस इनसी तलाश में थी। ये सभी बावरिया गिरोह के सदस्य हैं।

ऐसे हुई मुठभेड़

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को ये खबर मिली थी कि बावरिया गिरोह के बदमाश भोजापुर रेलवे क्रासिंग से सकलडीहा रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर देशी शराब की दुकान के पास स्थित बगीचे में मौजूद हैं। इस पर सकलडीहा इंस्पेक्टर ने एसपी को खबर दी। इसके पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सभी की घेराबंदी के लिए सदर व सैयदराजा पुलिस को मदद के लिए लगा दिया। जब टीम बगीचे के पास पहुंचकर सड़क से बगीचे के लिए अलग- अलग दिशा से पहुंचने के उतर रही थी।

पुलिस की टीम देखकर उसमें से कुछ ने असलहे से हवाई फायरिंग शुरू कर कर दी। जिसके बाद पुलिस को भी जबाबी कार्रवाई में फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें चार बदमाशों को गोली लगी, और वो वहीं गिर पड़े। अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से कई बदमाश फरार हो गए। घायल होने वाले बदमाशों में बाबू सिंह काकू, बिजेंद्र, महेंद्र, लालू सभी थाना मिलकिया शाहजहांपुर के रहने वाले थे।

सकलडीहा इलाके में हुई मुठभेड़ की घटना के बाद पुलिस टीम फरार अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। जिसके अंतर्गत मुगलसराय-अलीनगर पुलिस की काम्बिंग के दौरान कैली रिंग रोड पर भी पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हुई। इस दौरान फिर से बदमाशों ने पुलिस से बचने व भागने की फिराक में फायरिंग झोंक दी। ऐसे में पुलिस को भी अपने बचाव के लिए फायरिंग की। इस मुठभेड़ में भी चार बदमाश घायल हो गए। जबकि दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। घायलों में पर्वत गोसाई, बाबू गोसाई, मोहनपाल, महिपाल सभी शाहजहां निवासी है।

एसपी ने दी जानकारी

एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि चंदौली पुलिस के थाना सकलडीहा और थाना अलीनगर क्षेत्रों में अलग-अलग हुई मुठभेड़ में आठ अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं। ये लोग दिन में रेकी करते थे और रात में दुकानों और घरों में सेंध लगाकर चोरी किया करते थे। हाल ही में इन्होंने अलीपुर के पचपेड़वा में एक घर में सेंध लगाई थी। इन अपराधियों के द्वारा कई अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम दिया गया है। अभी इनके विस्तृत आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जो भी बदमाश फरार हैं, उनको भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया।

3 तेजतर्रार इंजीनियर IPS, जो संभाल रहे मेरठ जोन के इन 3 जिलों की कमान, एक ही है तीनों का नाम

यूपी पुलिस अक्सर सुर्खियों में रहती है। वैसे तो ज्यादातर वक्त पुलिस के सुर्खियों में रहने की वजह उनके द्वारा किए गए अच्छे या बुरे काम ही होते हैं, लेकिन इस बार इसकी वजह कुछ और है। दरअसल, यूपी पुलिस विभाग अपने तीन आईपीएस अफसरों की वजह से चर्चा में है। ये तीनों ही अफसर मेरठ जोन में शामिल अलग-अलग जिलों के कप्तान हैं। इसमें सबसे खास बात ये है कि ये तीनों ही इंजीनियर हैं और तीनों का नाम भी एक की है। हम बात कर रहे हैं, मेरठ जोन में के मुजफ्फरनगर, हापुड़ और शामली जिले के कप्तानों की। इन तीनों जिलों के कप्तानों का नाम अभिषेक है। आइए आपको इन तीनों के बारे में बताते हैं।

मुजफ्फरनगर एसएसपी

सबसे पहले बात करते हैं मुजफ्फरनगर के कप्तान की, तो उनका नाम अभिषेक सिंह है। आईपीएस अभिषेक सिंह मेकेनिकल इंजीनियर हैं। मूल रूप से अम्बेडकरनगर जनपद के निवासी अभिषेक सिंह के पिता स्व. आरबी गौतम पेशे से वकील थे और लखनऊ में वकालत करते थे। उनकी बड़ी बहन भी सरकारी सेवा में है। पिता की वकालत होने के कारण अभिषेक सिंह की पढ़ाई भी लखनऊ में ही हुई। उन्होंने 2009 में बी. टेक करने के बाद विदेश में एक बड़ी कंपनी में 15 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर नौकरी की। बाद में वो देश लौटे और कैट व यूपीएससी की परीक्षा दी। इसमें दोनों में उनको सलेक्शन हुआ, लेकिन अभिषेक ने आईपीएस को चुना। वर्तमान समय में वो मुजफ्फरनगर जिले में तैनात हैं।

हापुड़ एसपी

हापुड़ जिले में एसपी के पद पर तैनात आईपीएस अभिषेक वर्मा किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। भारतीय पुलिस सेवा के 2016 बैच के अधिकारी अभिषेक वर्मा को कुछ समय पहले ही जिले का एसपी बनाया गया है। अभिषेक वर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने 2016 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उसके बाद से वो कानून व्यवस्था कंट्रोल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। एसपी की सफल रणनीति के चलते जिले में अपराध नियंत्रण में है। उनकी कार्यशैली की लोग प्रशंसा कर रहे हैं।

शामली एसपी

आखिर में बात करते हैं शामली जिले के एसपी की, तो बिहार के जिला कटिहार के मूल निवासी 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक शामली के पहले करीब डेढ़ वर्ष तक पुलिस उपायुक्त के पद पर रहे। शामली जिले के प्रभार के रूप में उनकी पहली नियुक्ति है। उन्होंने केरल में बीटेक कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। बिना किसी कठिनाई के पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और अपराध पर नियंत्रण उनकी प्राथमिकता में है। उनके कार्यकाल में पुलिस बुजुर्गों व महिलाओं का सम्मान और सभी से सदव्यवहार कर रही है।

1992 में कारसेवक बने थे ये IPS, अब रिटायरमेंट के बाद अयोध्या जाकर करना चाहते हैं रामभक्तों की सेवा

अयोध्या में विशाल राम मंदिर के उद्घाटन का इंतजार लाखों करोड़ों आंखों को है। हर कोई इस दिन का बरसों से इंतजार कर रहा है। इसी लिस्ट में एक आईपीएस का नाम भी शामिल है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं दिल्ली में अर्धसैनिक बल में सेवारत एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजा बाबू सिंह की, क्योंकि वो भी एक ईंट लेकर दिसंबर 1992 में अयोध्या गए थे। उन्होंने उस वक्त टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन किए थे। उन्होंने भगवान राम को एक पूजित ईंट समर्पित कर प्रार्थना की थी कि यहां एक दिन भव्य राम मंदिर बने। अब जब मंदिर बन रहा है तो उन्होंने कहा है कि वो रिटायर होने के बाद अयोध्या जाकर राम भक्तों की सेवा करेंगे।

31 साल पहले गए थे अयोध्या

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी राजा बाबू सिंह वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मुख्यालय में महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, 31 साल पहले राजा बाबू सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र थे और प्रयागराज में सिविल सर्विसेज परीक्षा (UPSC) की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान वीएचपी ने छात्रों को अयोध्या ले जाने का इंतजाम किया था। इस दौरान उन्होंने राम भगवान को एक ईंट भेंट करते हुए प्रार्थना की थी। अब जब राममंदिर बन रहा है तो इसकी खुशी उनके चेहरे पर दिखाई दे रही है।

अब जब बाबू 2027 में सरकारी नौकरी से रिटायर हो जाएंगे तो उनका सपना है कि वे अयोध्या आ रहे राम भक्तों को रामलला के दर्शन कराएं। उनके साथ भगवान श्री राम की आराधना और पूजा में शामिल हों। आईपीएस राजा बाबू सिंह को इस बात का गर्व है कि वो जो एक ईंट प्रयागराज से अयोध्या ले गए थे, वो ईंट भी रामलला के भव्य मंदिर का हिस्सा है। आज भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनने और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से वे गदगद हैं।

लोगों को बांटी थीं गीता की प्रतियां

बता दें कि अभी आईपीएस राजा बाबू सिंह प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मुख्यालय में महानिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले कश्मीर में भी बीएसएफ के आईजी रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के अलावा राजा बाबू सिंह ने इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में भी अपनी सेवाएं दी हैं। अरुणाचल और मणिपुर में भी उच्च पदस्थ रहे हैं। ADG ग्वालियर जोन के पद पर रहते हुए इन्होंने हजारों भागवत गीता की प्रतियां बांटी थी।

UP: 60,244 पदों की सिपाही भर्ती के लिए आए 50 लाख से ज्यादा आवेदन, एक पद के लिए 83 दावेदार

नए साल के साथ ही यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती की शुरुआत हो गई है। इसके क्रम में सिपाही भर्ती के लिए आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया की अवधि पूरी हो गई है। ये भर्ती सिपाही के 60,244 पदों के लिए की जा रही है। बड़ी बात ये है कि 60,244 पदों के लिए विभाग को तकरीबन 50 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है। इसके साथ ही सबसे बड़ी संख्या में होने वाली सिपाही भर्ती में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की संख्या ने भी इतिहास रच दिया है। इन आवेदनों में 15 लाख महिलाओं ने भी आवेदन किए हैं।

परीक्षा कराना है बड़ी मुश्किल

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल के 60 हजार से अधिक पदों पर भर्ती चल रही है। इस भर्ती में आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2024 निर्धारित की गयी थी। अब जब आवेदन की ये अवधि पूरी हो गई है तो मंगलवार रात 12 बजे सिपाही भर्ती के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो को लॉक कर दिया गया। विंडो लॉक करते वक्त 50,14,924 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके थे।

सिपाही भर्ती के लिए 50 लाख आवेदन आने के बाद आगामी 18 फरवरी को लिखित परीक्षा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। खबरों की मानें तो इस साल बोर्ड ने भर्ती के लिए 32 लाख आवेदन की संभावना जताई थी। इसी संभावना के चलते और उसी हिसाब से ही पूरे प्रदेश में 18 फरवरी को प्रस्तावित लिखित परीक्षा के लिए 6500 से अधिक केंद्र बनाने की तैयारी की गई थी। अब जब आवेदन 50 लाख से ज्यदा हैं, तो फिर से एक बार दो से तीन पालियों में परीक्षा की योजना बनाई जा रही है।

एक पद के लिए इतने आवेदन

आपको बता दें कि ये सिपाही परीक्षा काफी कठिन होने वाली है। इस बार सिपाही के एक पद के लिए करीब 83 दावेदार हो चुके हैं। इस भर्ती के बाद यूपी पुलिस सबसे ज्यादा महिला कर्मियों वाला पुलिस बल बन जाएगा। सिपाही बनने के लिए 15 लाख महिलाओं ने आवेदन किए हैं। आरक्षण के मुताबिक करीब 12 हजार महिलाओं को सिपाही बनने का मौका मिलेगा। महिला सिपाही के एक पद के लिए 125 दावेदार हैं।

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