यूपी में छठ महापर्व: संध्या अर्घ्य को लेकर 22 जिलों में बढ़ी चौकसी, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

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लखनऊ। सूर्य उपासना के महापर्व छठ की शुरुआत के बाद सोमवार शाम को पूरे उत्तर प्रदेश में संध्या अर्घ्य की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर पहले से ही तैयारी की है। खासकर उन 22 जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां नदियों एवं तालाबों पर लाखों लोग जुटते हैं।

घाटों पर हर विभाग मुस्तैद

छठ मइया की आराधना के इस पावन अवसर पर घाटों, तटों, तालाबों और अस्थाई जलाशयों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन की तरफ से साफ सफाई, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। घाटों के पास मेडिकल टीम और एंबुलेंस की तैनाती की गई है।

पीएसी, एसडीआरएफ, आरएएफ और स्थानीय पुलिस की कई टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। इसके अलावा गोताखोरों को भी मुस्तैद किया गया है ताकि गहरे जल क्षेत्रों में सुरक्षा के जोखिम को कम किया जा सके। कुल 22 जनपदों हेतु 06 कम्पनी, 02 प्लाटून पीएसी, एसडीआरएफ की 03 टीमे एवं 05 कम्पनी आरएएफ को व्यवस्थापित किया गया है।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा इस बार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसलिए महिला पुलिसकर्मियों की संख्या पिछले साल की तुलना में अधिक बढ़ाई गई है। मिशन शक्ति और यूपी-112 को भी विशेष गश्त एवं त्वरित रिस्पॉन्स के निर्देश दिए गए हैं।

लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर, कुशीनगर, गाजियाबाद सहित पूर्वी एवं पश्चिमी यूपी के प्रमुख जिलों में सुरक्षात्मक इंतजाम युद्धस्तर पर किए गए हैं।

कल सुबह तक प्रशासन मुस्तैद

अधिकारियों का कहना है कि संध्या अर्घ्य से लेकर मंगलवार सुबह के उदीयमान सूर्य अर्घ्य तक पुलिस और प्रशासन पूर्ण सतर्कता में रहेगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले स्थानों में बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और पानी के गहरे हिस्सों में न जाएं।

 

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