लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वॉड (एटीएस) ने गाजा युद्ध पीड़ितों की मदद के नाम पर करोड़ों रुपये की चंदा उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एडीजी कानून व्यवस्था और एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश ने बताया कि तीन आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया पर फर्जी अभियान चलाकर भारी रकम जुटाई और उसे अवैध कामों में खर्च किया।
एडीजी ने दी जानकारी
एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक, एटीएस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गाजा संघर्ष के पीड़ित बच्चों और महिलाओं की सहायता के बहाने आर्थिक मदद मांग रहे हैं।
दवा, पानी और कपड़े जैसी जरूरतों का हवाला देकर इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर क्राउड फंडिंग की अपील की जा रही थी। लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर आरोपियों ने अपनी ही यूपीआई आईडी और बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये जमा कर लिए।
जांच में सामने आया कि इकट्ठा की गई धनराशि जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय निजी और अवैध गतिविधियों में खर्च की जा रही थी। अमिताभ यश ने कहा कि यह गिरोह आपदा को अवसर में बदलकर लोगों को छल रहा था।
जांच में ये आया सामने
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अयान, जैद नोटियार और अबू सूफियान के रूप में हुई है। एटीएस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और बैंक लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोग इस फर्जी चंदा अभियान का शिकार बने हैं।