पुलिस की वर्दी में रोज़ अपराधियों से भिड़ने वाला एक पिता, घर लौटने पर हमेशा यही सोचता था कि उसके बेटे देश की रक्षा में सेना की वर्दी पहने। शनिवार को यह सपना हकीकत बन गया। मेरठ के रहने वाले सब-इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार मलिक का बेटा हेमंत मलिक अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन चुका है।
पिता की आंखों में गर्व और नमी
प्रवेश मलिक कहते हैं, “मैं पुलिस सेवा में हूं, लेकिन हमेशा यही चाहता था कि बेटा फौजी बने। आज हेमंत को वर्दी में देखकर दिल गदगद हो गया।” शनिवार को बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में हुई पासिंग आउट परेड में जब हेमंत कदमताल कर रहे थे, तो दूर बैठे पिता की आंखें खुशी से भीग गईं।
मूल रूप से शामली जिले के करौदा हाथी के निवासी प्रवेश मलिक पुलिस विभाग में लंबे समय से कार्यरत हैं। हाल ही में ट्रैफिक पुलिस से उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। साधारण सी नौकरी और जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बेटे को हमेशा ऊंचा उड़ने का हौसला दिया। आज उसी हौसले ने परिवार का सपना पूरा कर दिया।
हेमंत ने मेरठ के केएल इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं पास करने के बाद एमआईटी से बीटेक किया था। बचपन से ही सेना में जाने की जिद ने उसे एनसीसी और एसएसबी की राह तक पहुंचाया। अब वह लेफ्टिनेंट है, जबकि उसका छोटा भाई अरिहंत भारतीय नौसेना में अंडर ट्रेनिंग लेफ्टिनेंट है।
पूरे शहर के लिए गर्व का माहौल
प्रवेश मलिक गर्व से कहते हैं, “मेरे दोनों बेटे अब देश की सीमाओं की हिफाजत करेंगे। पुलिस की नौकरी निभाते हुए मैंने जो सपना देखा था, वह अब घर के दरवाजे पर सलामी बजा रहा है।”
पिता प्रवेश मलिक कहते हैं, “यह सिर्फ मेरे परिवार की खुशी नहीं है, यह पूरे मोहल्ले का गर्व है। जब बेटा वर्दी में घर आएगा, तब लगेगा कि मेहनत रंग लाई।”