बरेली में बीए की पढ़ाई कर रही 20 साल की युवती ने अचानक ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार की सांसें रोक दीं। कमरे में सल्फास की गोलियां थीं और मोबाइल स्क्रीन पर खुला इंस्टाग्राम। उसने वहां एक संदेश लिखा—जिसमें जीवन छोड़ देने की बेचैनी झलक रही थी। तो बस फिर क्या था, पुलिस ने तत्परता दिखाई और युवती की जान बचा ली।
16 मिनट में पहुंची पुलिस
जानकारी के मुताबिक , जैसे ही युवती ने ये पोस्ट किया तो इंस्टाग्राम का अलर्ट सीधे लखनऊ पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर तक पहुंचा। वहां तैनात टीम ने तुरंत लोकेशन ट्रेस की और मामला गंभीर देखकर डीजीपी राजीव कृष्ण तक सूचना भेजी। आदेश जारी हुए और बरेली पुलिस हरकत में आ गई।
सिर्फ 16 मिनट बाद सीबीगंज थाना पुलिस लड़की के घर थी। दरवाजा खुलते ही नजारा किसी आपदा से कम नहीं था—युवती की तबीयत बिगड़ चुकी थी, वह लगातार उल्टियां कर रही थी। परिजनों के चेहरे पर घबराहट साफ थी। पुलिस टीम ने समय गंवाए बिना प्राथमिक उपचार कराया और हालात पर काबू पाया।
छात्रा ने बताया ये
बाद में छात्रा ने जो बताया, वह आज की डिजिटल जिंदगी का कड़वा सच था। इंस्टाग्राम पर एक युवक से दोस्ती हुई थी। अचानक उस युवक ने बात करना बंद कर दिया और उसे ब्लॉक कर दिया। इतने छोटे से आघात ने लड़की को हताश कर दिया और उसने खेत में रखी गेहूं की दवा निगल ली। काउंसलिंग के दौरान उसने माना कि यह गलती थी और दोबारा ऐसा कदम नहीं उठाएगी।