79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल 8,000 से अधिक दोषियों को आजीवन कारावास, जबकि 70 अपराधियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। उन्होंने इसे अपराध के विरुद्ध यूपी पुलिस की नीति और संकल्प का प्रमाण बताया।
एक साल में एक लाख दोषी ठहराए गए
डीजीपी ने जानकारी दी कि 1 जुलाई 2023 से अब तक, राज्य में 1 लाख से अधिक लोगों को अदालतों द्वारा दोषी करार दिया गया है। इनमें से 8,785 लोगों को उम्रकैद, जबकि 70 को फांसी की सज़ा सुनाई गई है। ये आंकड़े न केवल न्यायिक प्रक्रिया की तेज़ी को दर्शाते हैं, बल्कि पुलिस विभाग की पेशेवर कार्यशैली को भी रेखांकित करते हैं।
राज्य में गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई पर बोलते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अब तक 144 अरब रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, 2017 से अब तक 34 माफिया और उनके 91 सहयोगियों को अदालतों द्वारा दोषी करार दिया गया है, जिनमें से दो अपराधियों को फांसी की सजा दी गई है।
डीजीपी ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे “मिशन शक्ति” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को न केवल अधिक सुरक्षित महसूस कराया है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान की भावना भी बढ़ाई है।
राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की नीति अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की है। उन्होंने बताया कि यूपी एसटीएफ, एटीएस, एएनटीएफ और ज़िला पुलिस की समन्वित कार्रवाई से राज्य के कई अपराध नेटवर्क और माफिया गिरोहों को ध्वस्त किया गया है।
भविष्य की 10 प्रमुख प्राथमिकताएं भी गिनाईं
* शून्य-सहिष्णुता की नीति
* महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण
* हर नागरिक की शिकायत का समयबद्ध और संवेदनशील समाधान